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Jamshedpur : एग्रिको दुर्गा पूजा कमिटी मना रही है प्लेटिन जुबली, भव्य दुर्गोत्सव मनाने की तैयारियों जोरों पर

Jamshedpur : वैसे तो दुर्गा पूजा को लेकर जमशेदपुर में एक महीने पूर्व से ही तैयारियां आरम्भ हो जाती है. कई पूजा कमिटियां अपनी स्थापना के 25 से 50 वर्ष भी पूरा कर चुकी है. ऐसे में शहर का एग्रिको पूजा कमिटी 75 वें पायदान पर पहुंच चुकी है. इस वर्ष प्लेटिनम जुबली मनाने जा रही. इसकी शुरुआत आजादी के दूसरे वर्ष यानि, 1948 में एनजी डे नामक व्यक्ति ने इसकी नींव रखी थी. एग्रिको लाइट सिग्नल के समीप मैदान में छोटे से पंडाल में माँ दुर्गे की प्रतिमा स्थापित कर उन्होंने पूजा आरम्भ की थी. उस दौरान यहां के अधिकतर  इलाके जंगल रुपी हुआ करते थे. तब क्षेत्र की आबादी ज्यादा नहीं थी. इस वजह से शहर के लिए यह पूजा महोत्सव काफी अहम माना जाता था. बदलते समय के अनुसार यहां बननेवाला छोटा सा पूजा पंडाल मध्य स्तर के पंडाल के रूप में तब्दील हो गया और वर्तमान में यहां का पूजा महोत्सव भव्य रूप धारण कर चुका है. पूजा की भव्यता को देखते हुए जिला प्रसाशन के आग्रह पर कमिटी ने 2017 में तत्कालिक स्थल से एग्रिको क्लब हाउस मैदान में स्थान्तरण कर दिया. दो वर्ष कोरोना काल सादगी से पूजा सम्पन्न करने के बाद एक बार फिर कमिटी ने 75 वें वर्ष पर कदम रखते हुए पूजा को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया है और जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी है. इस वर्ष  काल्पनिक रूप में पंडाल को ढ़ाला जा रहा है. इसमें विशाल दो हाथियों का रूप देखने को मिलेगा, वहीं मां दुर्गा की मूर्ति भी आकर्षण केन्द्र रहेगी. इस वर्ष मूर्ति की बाहरी साज-सज्जा, जिसमें वस्त्र, गहने मुकुट और त्रिशूल आदि की कलाकृति पूरी तरह से पुआल से बनी सामग्रियों से की जाएगी जो श्रद्धलुओं को आकर्षित करेगी. कमिटी के महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास की देखरेख एवं मार्गदर्शन में यहां पूजा की जाती है. इस पूजा महोत्सव के 75 वें वर्ष के अवसर पर भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 12 लाख है. इसके साथ ही पूजा को अति भव्य एवं दर्शनीय बनाने के लिए आकर्षक विद्युत-सज्जा के साथ ही भव्य मेला भी लगाया जाएगा. इस बार कोलकाता की महिला मंडली के द्वारा ढांकी वादन किया जाएगा, जो पूजा समारोह का विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. इन सारी व्यवस्थाओं को पूरा करने के पूजा महोत्सव का कुल अनुमानित बजट 20 लाख रुपये रखा गया है. पूजा समिति की ओर से महासप्तमी महाअष्टमी एवं महानवमी तीनों दिन भक्तों के लिए निःशुल्क भोग ग्रहण करने की भी व्यवस्था की गई है.

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