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ओरमांझी में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बन रहा हिल व्यू फार्म हाउस, तोड़ेगा प्रशासन

  • अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) सह वरीय प्रभारी पदाधिकारी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
  • रांची डीसी को सौंपी गयी है रिपोर्ट

Ranchi : राजधानी स्थित ओरमांझी प्रखंड के अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) सह वरीय प्रभारी पदाधिकारी ने रांची डीसी को एक रिपोर्ट सौंपी है. इसमें बताया गया है कि ओरमांझी प्रखंड के पंचायत चकला के ग्राम भुसूर में सरकारी भूमि का अतिक्रमण कर हिल व्यू फार्म का निर्माण किया जा रहा है. जिसमें बिल्डरों के अतिरिक्त कई सरकारी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है. यहां हुए एक जन चौपाल के दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन्हें गुप्त रूप से यह बात भी बतायी थी. जिसके बाद उन्होंने 26 अगस्त को प्रखंड का दौरा किया, जो बात ग्रामीणों ने कही थी उसे सत्य पाया गया. पता चला कि ग्राम भुसूर में लगभग 70 एकड़ से अधिक भूमि पर घेराबंदी कर हिल व्यू फार्म हाउस का निर्माण किया जा रहा है. वहीं भूमि की प्लॉटिंग कर कर विभिन्न व्यक्तियों को बेचा भी जा रहा है. निरीक्षण में सीओ, कर्मियों व पदाधिकारियों की संलिप्तता भी देखी गयी है. इस पर जब न्यूज विंग ने रांची डीसी ने बात कही, तो उन्होंने कहा कि ओरमांझी सीओ को अवैध निर्माण को तोड़ कर जमीन प्रशासन के कब्जे में लेने की बात कही गयी है.

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नापी करने से कंपनी के कर्मचारी ने रोका

रिपोर्ट में अधिकारी ने कहा है कि ओरमांझी के सीओ को निर्देश दिया गया था कि खाता संख्या 68, खेसरा-562, रकबा-10.09 एकड़ भूमि जो पहले के सर्वे में जीएम लैंड है, की नापी कर रिपोर्ट उन्हें सौंपें. रिपोर्ट में बताया गया कि प्लॉट की नापी के लिए गये कर्मचारियों को हिल व्यू (मेलाँडी कंपनी) के डायरेक्टर जुल्फान अंसारी ने कर्मचारी को नापी करने से रोक दिया. रिपोर्ट में सीओ ने बताया कि हिल व्यू द्वारा लगभग 2 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण किया गया है. सीओ ने ओरमांझी थाना प्रभारी को उस जमीन का सीमांकन करने का आदेश भी दिया था, लेकिन जांच में पाया गया कि रिपोर्ट में उनका हस्ताक्षर नहीं है, जो कि जांच के दायरे में आता है.

सरकारी जमीन होने के कारण रद्द किया गया था म्यूटेशन

पहले दावा किया जा रहा था कि यह जमीन संजय कुमार सिंह, पिता एसएन सिंह के नाम पर है. लेकिन जब सरकारी लेखा-जोखा खंगाल गया तो पता चला कि यह सरकारी जमीन है. जिसके बाद इसकी जमाबंदी (म्यूटेशन) रद्द कर दी गयी. 26 अगस्त को सीओ, सीआइ एवं अंचल अमीन के साथ फार्म हाउस के निरीक्षण में जब जांच हुई, तो पाया गया कि हिल व्यू लगभग 1.5 एकड़ सरकारी भूमि का अतिक्रमण कर घेराबंदी कर चुका है. साथ ही खाता 68, प्लॉट संख्या 569, रखबा .55 एकड़, जो जीएम खास में दर्ज है, के अतिरिक्त अन्य सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया गया है. अंचल कार्यालय में अवैध म्यूटेशन को देखने से भी साफ है कि सीआइ की इसमें संलिप्तता है. क्योंकि जब इसे देखा गया तो ग्राम भुसूर में खाता 68, प्लॉट 562, रकबा 7.4 डिसमिल, जो संजय कुमार के नाम से दर्ज था, को अवैध म्यूटेशन मानते हुए आगे की कार्यवाही की गयी है. जब अधिकारियों से पूछा गया तो बताया गया कि फाइल सीआइ को दिया गया है, लेकिन उन्होंने इस संबंध में अनभिज्ञता जतायी.

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प्रशासन के निर्देश बिना काटे गये सैकड़ों पेड़

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फार्म हाउस द्वारा अपनी घेराबंदी के बीच सैकड़ों पेड़ों को काटा गया है, जिसकी फोटो भी रिपोर्ट में है. जब वहां उपस्थित कर्मचारियों से पूछा गया कि क्या प्रशासन से उन्हें आदेश मिला है. तो वे यह नहीं बता पाये. स्पष्ट है कि हिल व्यू फार्म हाउस द्वारा काफी बड़े क्षेत्र की सरकारी भूमि का अतिक्रमण किया गया है. जिसमें कर्मियों व पदाधिकारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता.

तोड़ने का दिया गया आदेश, तत्कालीन सीओ पर होगी कार्रवाई : डीसी

रांची डीसी राय महिपापत रे ने कहा है कि ओरमांझी सीओ को इसकी जांच का निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि फार्म हाउस को तोड़ कर सरकारी जमीन को प्रशासन के जिम्मे लिया जाये. वहीं तत्कालीन सीओ पर भी कार्रवाई करने का निर्देश उन्होंने दिया है.

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