
Hazaribagh: हजारीबाग लोकसभा सीट से महागठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी की उम्मीदवारी को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दो दिन पूर्व सुबह से ही प्रदीप प्रसाद का नाम फाइनल होने की खबर सुनने में आ रही थी.
सोशल मीडिया में प्रदीप प्रसाद के नाम पर चर्चा होने लगी, लेकिन दोपहर आते-आते पुनः एक बार शिवलाल महतो की उम्मीदवारी निर्धारित किए जाने का बाजार गर्म रहा. हालांकि अभी तक अधिकृत रूप से कांग्रेस ने हजारीबाग सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
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यह अलग बात है कि पिछले 15 दिनों से यहां उम्मीदवारी निर्धारित करने की चर्चा हो रही है. कांग्रेस के जानकार कहते हैं कि अब तक एक दर्जन नामों पर चर्चा प्रदेश नेतृत्व से लेकर केंद्र चुनाव संचालन समिति के सदस्यों के बीच हो चुकी है. लेकिन अब तक नाम फाइनल नहीं किए जाने से समर्थकों के बीच में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
कभी रांची के गोपाल साहू तो कभी बेरमो के पूर्व विधायक सह पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह की चर्चा होती रही, चंद रोज पहले तक तो बरही विधायक मनोज यादव का भी नाम सामने आने लगा था.
हालांकि मनोज यादव ने चतरा लोकसभा सीट से महागठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत किये जाने के बाद नामांकन भी करवा लिए. उपरोक्त के अलावा जय शंकर पाठक, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव व बड़कागांव विधायक निर्मला देवी की पुत्री अंबा प्रसाद भी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में हजारीबाग से उम्मीदवार बनने की चर्चा में शामिल रहीं.
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वहीं दो दिन पूर्व कुछ कांग्रेसियों ने पूर्व सदर विधायक सौरभ नारायण सिंह की उम्मीदवार बनने की बात कही गई. हालांकि सौरभ नारायण सिंह के इस लोकसभा चुनाव में नहीं लड़ने की बात भी कुछ कांग्रेसियों ने की.
बहरहाल फिलहाल तो ये आलम है कि सुबह किसी नाम की और शाम किसी दूसरे नाम की उम्मीदवारी की चर्चा करते कांग्रेसी चौक-चौराहे पर नजर आते हैं. हालांकि कांग्रेसियों का यह भी कहना है कि उम्मीदवार का फैसला तो आलाकमान ही करते हैं. वह लोग तो प्रत्याशियों के साथ बांध दिए जाते हैं.
जबकि कुछ कांग्रेसी यह भी कहते नजर आते हैं कि इस असमंजस की स्थिति से कांग्रेस को नुकसान ही होगा. वहीं भाकपा के भुनेश्वर प्रसाद मेहता को ही समर्थन देने की भी बात कही जा रही है.
यशवंत सिन्हा के दबाव में कांग्रेस CPI के लिए नहीं छोड़ पा रही सीट- भुनेश्वर मेहता
कांग्रेस की हठधर्मिता के कारण महागठबंधन को भारी नुकसान होगा. ये बात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सह पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने बातचीत के दौरान कही. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के दबाव में है. यही कारण है कि कांग्रेस हजारीबाग की सीट सीपीआई के लिए नहीं छोड़ रही है.
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16 अप्रैल को करेंगे नामांकन
भुवनेश्वर मेहता हजारीबाग लोकसभा सीट से 16 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस दिन उनके साथ 5000 से अधिक लोग नामांकन कार्यक्रम में शमिल होंगे. वहीं रोड शो भी किए जाने की बात कही है. इस आशय की जानकारी देते हुए श्री मेहता ने बताया कि कांग्रेसियों की हठधर्मिता के कारण महागठबंधन मजबूत नहीं हो सका है.
श्री मेहता ने यह भी दावा किया है कि 1984 के बाद भाजपा को हराने का काम दो बार भाकपा के भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने ही किया है. इस बीच कांग्रेस कई बार चुनाव लड़ी, लेकिन लोकसभा सीट कभी जीत नहीं पाई. उन्होंने दावा किया है कि इस बार भी वह भाजपा प्रत्याशी को हराने का काम करेंगे उन्होंने कहा कि जन बल भाकपा का मुकाबला धन बल भाजपा के साथ होगा.
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