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वो कौन है जो लेना चाहता है इसरो के प्रमुख वैज्ञानिक की जान ?

नाश्ते में जहर देकर मारने की कोशिश के पीछे छिपा है कोई बड़ा राज़

Uday Chandra

New Delhi ­­­: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में क्या विदेशी खुफिया एजेंसी के एजेंट सक्रिय हैं? कम से कम इसरो के एक वैज्ञानिक के ताजा खुलासे के बाद ऐसा लगता कि इसरो में अंदर कुछ गड़बड़ है और वहां सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है.

 

इसरो के एक प्रमुख वैज्ञानिक तपन मिश्रा ने खुलासा किया है कि 2017 में उसे जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वो बाल-बाल बच गए थे. उन्हें खाने में खतरनाक जहर दिया गया था.  तपन मिश्रा इसरो में तैनात होने से पहले अहमदाबाद स्थित स्पेस एप्लीकेशन सेंटर में बतौर निदेशक तैनात थे. तपन मिश्रा ने अपने फेसबुक में दावा किया है कि 2017 में उन्हें जहर दिया गया था. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि जहर उसे क्यों और किसने दिया.

 

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तपन मिश्रा के मुताबिक उन्हें  बेंगलुरु में 23 मई, 2017 को नाश्ते में जहर दिया गया था. उन्होंने अब सुरक्षा एजेंसियों से इस मामले की जांच की अपील करते हुए कहा है कि यह पता लगाना जरुरी है कि उसे किन लोगों ने और क्यों जहर देकर मारने की कोशिश की थी.

वर्तमान में बतौर वरिष्ठ सलाहकार तैनात तपन मिश्रा इसी माह के अंत में सेवा से रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे अब रिटायर होने वाले हैं इसलिए वो उस घटना से पर्दा उठाना चाहते हैं, ताकि लोगों को इस बारे में मालूम चल सके. अगर मैं मर जाऊं, तो सबको पता होना चाहिए कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ था.

 

उन्होंने अपने फेस बुक पोस्ट पर जो लिखा है उसके अनुसार उन्हें 23 मई 2017 को  जानलेवा आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड (Arsenic Trioxide) दिया गया था. जो जहर उन्हें दिया गया था, वो एक इनऑर्गेनिक ऑर्सेनिक था और इंसान को मारने के लिए काफी है. उन्होंने कहा कि वो भाग्यशाली रहे कि उनकी मौत नहीं हुई, क्योंकि इस जहर के लेने के बाद किसी के लिए भी बच पाना मुश्किल है. उन्हें लगातार दो साल इलाज कराना पड़ा था, जब जाकर उनकी जान बची है.

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