
New Delhi: भारत में 1 करोड़ से ज्यादा आय घोषित करनेवाले पेशेवरों की संख्या कितनी है? यह एक अहम सवाल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार यह संख्या सिर्फ 2,200 है. देश में सिर्फ 2,200 पेशेवरों ने अपनी आय 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा बतायी है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 फरवरी की शाम को टाइम्स नाउ समिट में कहा था कि देश में सिर्फ 2,200 पेशेवरों ने ही इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आय को 1 करोड़ रुपये से ज्यादा घोषित किया है. इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि यह आंकड़ा आपके गले से नीचे नहीं उतरेगा, लेकिन यह सच्चाई है.
लेकिन जब एक औऱ आंकड़े पर गौर किया जाता है तो मामला कुछ औऱ नजर आता है. हालांकि यह आंकड़ा भी सरकारी ही है.
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वित्त मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी थी जानकारी
वित्त मंत्रालय ने पीआइबी के माध्यम से 24 अक्टूबर, 2018 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि देश में 81,344 करोड़ लोगों ने अपनी सालाना कमाई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा घोषित की है.
वित्त मंत्रालय ने तीन साल यानी 2014-15 से 2017-18 तक के आंकड़े दिये थे. उसने कहा था कि 1 करोड़ रुपये ज्यादा कमाई घोषित करनेवाले लोगों की संख्या 88,649 थी.
2017-18 में यह आंकड़ा 60 फीसदी बढ़ कर 1,40,139 हो गया. इनमें 1 करोड़ से ज्यादा कमाई करनेवाले व्यक्तिगत करदाताओं यानी पेशेवरों की संख्या 81,344 थी.
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पीएम मोदी ने आयकर देनेवालों की संख्या पर जतायी थी चिंता
पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ही इनकम टैक्सपेयर्स की कम संख्या पर चिंता जतायी थी. उन्होंने कहा था कि देश में बीते 5 सालों में 1.5 करोड़ लग्जरी कारों की बिक्री हुई है, लेकिन टैक्सपेयर्स की संख्या 1.5 करोड़ ही है.
उन्होंने कहा था 3 करोड़ से ज्यादा भारतीय व्यापार या फिर घूमने के लिए विदेश गये हैं. लेकिन, स्थिति यह है कि 130 करोड़ से ज्यादा के हमारे देश में सिर्फ 1.5 करोड़ लोग ही इनकम टैक्स देते हैं. इसमें से भी प्रति वर्ष 50 लाख रुपये से ज्यादा आय घोषित करनेवालों की संख्या सिर्फ 3 लाख है.
पीएम मोदी ने कहा था कि आपको एक आंकड़ा और देना चाहता हूं. हमारे देश में बहुत से प्रोफेशनल हैं, जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, बॉलीवुड, वकील आदि अपने क्षेत्रों में छाये हुए हैं. अपने तरीके से वे देश की सेवा भी कर रहे हैं, लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि इतने बड़े देश में सिर्फ 2,200 प्रोफेशनल ही अपनी सालाना आय को 1 करोड़ रुपये से ज्यादा बताते हैं. अकेले दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट में इससे ज्यादा लोग होंगे.
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