
Ranchi: चंदनकियारी में जुलाई, 2019 में एथलेटिक्स केंद्र का उद्घाटन तत्कालीन खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी ने किया था. वर्तमान में वहां 11 बच्चे आवासीय खेल प्रशिक्षण सह अध्ययन का लाभ उठा रहे हैं.
इसके विपरीत चंदनकियारी स्टेडियम में 2017 से ही इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक बिछाने का काम आरंभ हो चुका था. कायदे से जहां एथलेटिक्स सेंटर पूर्व से संचालित हैं, वहां सिंथेटिक ट्रैक बिछाया जाना चाहिए था. लेकिन चंदनकियारी के मामले में पहले सिंथेटिक ट्रैक बिछाने का काम शुरू हुआ और उसके बाद एथलेटिक्स सेंटर खोला गया.
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चार जिलों में हैं एथलेटिक्स केंद्र
झारखंड सरकार के खेल विभाग की ओर से राज्य के चार जिलों में एथलेटिक्स केंद्र संचालित हैं. इनमें रांची, हजारीबाग, साहेबगंज और बोकारो (चंदनकियारी) शामिल हैं.
2016-17 के दौरान विभाग के द्वारा दो जगहों पर इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक बिछाये जाने की योजना बनी. एक मोरहाबादी, रांची स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में और दूसरा चंदनकियारी बोकारो में.

रांची में होटवार स्थित एथलेटिक्स स्टेडियम में इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक पूर्व से था ही. वर्तमान में अपेक्षित सदुपयोग हो भी नहीं पा रहा. बावजूद इसके रांची को भी इस सूची में रखा गया.
सबसे दिलचस्प फैसला चंदनकियारी में ट्रैक बिछाने का रहा. यहां पूर्व से एथलेटिक्स सेंटर ही नहीं था, न ही ट्रैक का उपयोग करने को खिलाड़ी.
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खिलाड़ियों से पहले संवेदक ने संभाला मैदान
जानकारी के अनुसार जहां एथलेटिक्स केंद्र हैं, वहां सिंथेटिक्स ट्रैक बिछाये जाने चाहिए. विभाग ने आनेवाले समय में खेल और खिलाड़ियों के हित में हजारीबाग और दूसरे केंद्रों में भी सिंथेटिक ट्रैक बिछाने की योजना बना रखी है. यहां तक कि उसकी ओर से साहेबगंज में ट्रैक बिछाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन है.
2017 में जब चंदनकियारी में ट्रैक बिछाने की योजना बनी, कायदे से एथलेटिक्स सेंटर वहां नहीं था. वैसे विभाग के अनुसार 2010-11 से वहां केंद्र है. ग्रामीण कार्य विशेष प्रमंडल, बोकारो ने 2017 में ट्रैक निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया.
एक संवेदक को उसका काम मिल भी गया और नौ करोड़ के इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक बिछाने का कार्य आरंभ हो गया. वैसे कतिपय कारणों से 2017-18 से जारी हुआ काम अब तक पूरा नहीं हो सका है. फिलहाल मार्च, 2020 तक इसे पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है.
वर्तमान में खेल विभाग के माध्यम से चुने गये 11 खिलाड़ियों को पिछले वर्ष खुले एथलेटिक्स सेंटर में रख कर उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है. इसका उद्घाटन मंत्री अमर बाउरी ने किया था. चूंकि अभी काम पूरा हुआ नहीं है सो बच्चे स्टेडियम के समीप खुले मैदान में नियमित तौर पर अभ्यास कर रहे हैं.
अभ्यास के लिए नहीं होता इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक का उपयोग
जहां भी इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक बिछाये जाते हैं, उसका सामान्य उपयोग नहीं किया जाता. सिर्फ खिलाड़ियों के स्टेमिना को बढ़ाने पर इसका उपयोग होता है. मूलतः इसका उपयोग खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए होता है. सामान्य जन द्वारा सिंथेटिक ट्रैक का उपयोग करना ट्रैक के लिए नुकसानदेह होगा.
सवाल यह भी उठ रहा है कि ग्रामीण कस्बेवाले चंदनकियारी में लोगों को इसके लिए कैसे संभाला जायेगा या रोका जायेगा. चंदनकियारी वाला ट्रैक चार लेन का बन रहा है या पांच, छह या सात का, इस पर भी संशय है. स्टेडियम की जो क्षमता है, उसके अनुसार पांच लेन का भी ट्रैक बन जाना काफी होगा. स्टेट लेवल का कंपटीशन ही इस पर संभव हो पायेगा, नेशनल तो कतई नहीं. इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक अगर आठ लेन से कम का हो तो इस पर अंतरराष्ट्रीय तो क्या, नेशनल आयोजन भी संभव नहीं हो सकता.
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