
Ranchi: राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी, चतरा भोलानाथ लागुरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है. उनके खिलाफ चतरा में जिला कल्याण पदाधिकारी के पद पर रहते हुए कुल 28 बैंक ट्रांसफर कराये जाने जिसमें 2.56 करोड़ रुपये की राशि की अवैध तरीके से निकासी करने सहित आठ गंभीर आरोप लगे थे. यह राशि विभिन्न बैंकों में खोले गये 12 खाता के जरिये ट्रांसफर की गयी. इनमें बड़ी राशि सेनवर्ड एनजीओ व प्रयास एनजीओ को लाभ दिलाने के उद्देश्य से भुगतान की गयी. भोलानाथ लागुरी ने 2017 में तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी आशुतोष कुमार से प्रभार ग्रहण किया था. यह बात भी सामने आयी कि उनके योगदान के समय के पूर्व की वित्तीय अनियमितता को भी लागुरी ने छिपाया. साथ ही उनके कार्यकाल में भी गड़बड़ियां की गयी. पूरे मामले पर उपायुक्त चतरा ने प्रपत्र ‘क’ गठित कर सरकार को रिपोर्ट किया. प्रथमदृष्टया आरोप प्रमाणित पाने के बाद भोलानाथ लागुरी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलायी गयी. उनसे स्पष्टीकरण भी पूछा गया. हालांकि, जांच में यह बात सामने आयी कि उनके लापरवाही के चलते करीब 1.35 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का क्षति हुआ और एनजीओ को गलत तरीके से भुगतान किया गया. पूरा मामला राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास गया. उन्होंने कार्यवाही का आदेश दिया. इसके बाद कैबिनेट की स्वीकृति लेकर उन्हें बर्खास्त करने का फैसला लिया गया.
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