
Ranchi: ग्रामीण विकास सचिव के. श्रीनिवासन ने मनरेगा योजना में मजदूरों का शत-प्रतिशत आधार सीडिंग कराने का निर्देश सभी जिलों को दिया है. यह कहा कि मनरेगा में आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम एबीपीएस के अंतर्गत 100 फीसदी श्रमिकों को पंजीकृत किया जाना है. लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा 88 फीसदी तक है. ऐसे में शेष पात्र श्रमिकों की सूची जिनका पंजीकरण तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा है उसे यूआईडी एवं संबंधित बैंकों को साझा करें ताकि सभी श्रमिकों को प्रावधानुसार पंजीकृत किया जा सके.
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बता दें कि, मनरेगा में 99.63 प्रतिशत मजदूरों का आधार सीडिंग हो गया है. इनका आधार संख्या जॉब कार्ड से जोड़ दिया गया है. राज्य में मनरेगा से 4339548 वर्कर हैं जिनमें 4323348 वर्कर का आधार सीडिंग हुआ हैं. वहीं, इनमें करीब 37 लाख मजदूर आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम के लिए योग्य हैं जो कुल मजूदर का 88 फीसदी है. ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने सारे मजदूरों का आधार सीडिंग काम कराने को कहा है. इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार शिविर लगाने को कहा गया है. नये मजदूरों को भी जॉब कॉड देकर मनरेगा से जोड़ने का निर्देश दिया गया है.
हालांकि, झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि लंबित एबीपीएस होने का सबसे प्रमुख कारण है कि बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर दूसरी जगह पलायन कर गये हैं. वहीं कुछ तकनीकी वजह से भी एबीपीएस सिस्टम से नहीं जुड़ सके हैं इसलिए इनके खाते में सीधे मजदूरी की राशि नहीं भेजी जा पा रही है. ग्रामीण विकास विभाग ने सारे जिलों को कहा है कि अविलंब सभी को सक्षम प्राधिकार के अनुमति लेकर आधार से जोड़ने का काम करे. एबीपीएस सिस्टम से जोड़कर मनरेगा मजदूरी की राशि खाते में भेजना सुनिश्चित करायें.




