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पलामू में मनरेगा में जेसीबी का इस्तेमाल,आम बागवानी योजना में 100 गड्ढे खोदे गए

Palamu: केन्द्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में मशीनों का उपयोग पूरी तरह से वर्जित है, बावजूद इसपर नियंत्रण नहीं लगता. ताजा मामला पलामू जिले के मनातू प्रखंड क्षेत्र की पदमा पंचायत के भीतही गांव से आया है. यहां मनरेगा के तहत आम बागवानी योजना में गड्ढे खोदने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया गया है. बड़े भूभाग पर जेसीबी लगाकर जैसे तैसे 100 के आस पास गड्ढे खोद दिए गए हैं. पदमा पंचायत क्षेत्र में आम बागवानी योजना के लिए 5 एकड़ भूमि का चयन किया गया है. इसमें एकड़ के अनुसार पांच लाभुक हैं.

अबतक यहां 150 से 200 के आस पास गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन ज्यादातर गड्ढे जेसीबी से खोदे गए हैं. कुछ मजदूरों के द्वारा भी खोदे गए हैं.

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राज्य से मिले निर्देश पर हुई जांच

मामले में ग्रामीण विकास विभाग,रांची से मिले दिशा निर्देश के बाद पलामू के मनरेगा लोकपाल शंकर कुमार ने मनातू प्रखंड में ग्राम भीतही, पंचायत पदमा में स्पॉट पर पहुंचकर जांच की.पाया गया कि आम बागवानी लगाने के लिए लाभुकों के द्वारा जेसीबी से खुदाई की गई है. इस संदर्भ में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है और इसमें दोषी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है.

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बीडीओ को शोकॉज

मनरेगा लोकपाल शंकर कुमार ने मामले में मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी शोकॉज किया है. लोकपाल ने बताया कि मनरेगा में मशीनों का उपयोग किसी भी परिस्थिति में नहीं होना है, बावजूद इसके खेतों में पौधे लगाने के लिए जेसीबी से गड्ढे खोदे गए.

इस संदर्भ में मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोटिस निर्गत करते हुए अभिलेख तथा जवाब दाखिल करने हेतु एक सप्ताह का समय दिया गया है. साथ ही दोषी लाभुक सहित अन्य कर्मियों की पहचान कर उनके संबंध में भी जानकारी देने का निर्देश दिया है.

नहीं मिले एक भी मजदूर

मनरेगा लोकपाल ने पदमा पंचायत क्षेत्र में मनरेगा की कूप सहित कई अन्य योजनाओं को देखा, जो संतोषजनक नहीं थी और बहुत सारे फर्जी मस्टररोल भी निकाले हुए थे, लेकिन एक भी मजदूर योजना स्थल पर नहीं मिले.प्राक्कलन के अनुसार गुणवत्ता भी नहीं थी.

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