
Khunti : वन विभाग ने खूंटी में सेरेंगहातू-बंदगांव सड़क के मध्य चुकलू और कोरवा घाटी की वन भूमि पर सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति पत्र (एनओसी) कर दिया है. इसके लिए पिछले चार सालों से कवायद जारी थी. इसके अलावा अडकी से बीरबांकी पथ निर्माण और उन्नयन के लिए 3.494 हेक्टेयर वन भूमि अपयोजन की स्वीकृति भी वन विभाग ने 23 अगस्त को दे दी है. हालांकि दूसरी तरफ विभाग ने लतरातू जलाशय के विकास को भी रोक दिया है.
गौरतलब है कि लतरातू डैम को ईकोटूरिज्म पैलेस बनाया जाना है. इसके लिए डेढ़ करोड़ की योजना को जिला प्रशासन ने स्वीकृति भी दे दी है. जब यह प्रस्ताव आया था, तब वन विभाग के सचिव समेत अन्य राज्यस्तरीय अधिकारी भी उसमें मौजूद थे. लतरातू डैम क्षेत्र में ढ़ाई एकड़ जमीन पर एडवेंचर और यूको पार्क का निर्माण होना था. प्रशासन ने इसके लिए डेढ़ करोड़ की स्वीकृति भी दे दी है, जो जिले में पड़ी हुई है. इस बीच जिस जमीन पर यह पार्क बनना था, उस स्थान को वन भूमि बताया गया है. साथ ही वन विभाग ने किसी भी तरह का निर्माण कार्य होने से रोक दिया है.
युवाओं में रोजगार की चिंता
लतरातू और डूमरगढ़ी गांव के बीच स्थित डैम क्षेत्र के युवाओं के रोजगार का एक सशक्त माध्यम बना था. इसके अलावा झारखंड के पर्यटकों को एक सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में लतरातू जलाशय मिला था. एडवेंचर और यूको पार्क का काम अब वन विभाग के हस्तक्षेप से रूकने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है. खासकर युवाओं में इसे लेकर गहरी नाराजगी है. इसके चलते उनके सामने रोजगार संकट खड़ा होता दिखने लगा है.
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