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सीएम हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ के वक्त लॉ एंड ऑर्डर के बिगड़ने के सवाल पर बिफरे राज्यपाल, कहा- आखिर क्यों बिगड़ेंगे हालात

Ranchi : राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को ICFAI विवि के दीक्षांत समारोह के बाद मीडिया से बातचीत की. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राज्य में जारी ताज़ा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि आखिर क्यों लॉ एंड ऑर्डर पर असर पड़ेगा. ईडी अपना काम कर रहा है और सीएम हेमंत सोरेन को सही जवाब ईडी को देना है. इसमें लॉ एंड बिगड़ने की बात कहां है. कोई कानून से ऊपर नहीं है. इसलिए लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की बात ही नहीं है. एक सवाल के जबाव में राज्यपाल सी राधाकृष्णन ने कहा कि आखिर पब्लिक क्यों गुस्सा होगी. उसे गुस्सा होने की जरूरत क्या है. ऐसा सवाल ही नहीं उठता है. लोकतंत्र में इन सब बातों की कोई जगह नहीं है. यहां तक प्रधानमंत्री ने भी जांच एजेंसियों (एसआइटी) को सवालों के जवाब दिये हैं. अगर आपको जननेता बनना है तो आपको जवाब देना ही होगा. उनका इशारा सीएम हेमंत सोरेन की तरफ था.

झामुमो प्रवक्ता ने कहा है, राज्य की जनता में है आक्रोश

बीते मंगलवार को झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने ईडी की कार्रवाई पर रोष जताते हुए कहा कि इससे राज्य की जनता में आक्रोश है. ईडी ने अगर चेतावनी को समझने में देर की तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने ईडी की कार्रवाई पर सवाल भी उठाये. झामुमो ने ईडी की कार्रवाई को एक बार फिर राजनीति से प्रेरित करार दिया है. ईडी की कार्रवाई सार्वजनिक होने पर भी उन्होंने आपत्ति जतायी. कहा कि राज्य सरकार को परेशान किया जा रहा है. ईडी राज्य में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है. पिछले वर्ष 14 अगस्त को पहला समन किया गया. उन्हें पता होगा कि इस दिन मुख्यमंत्री कितने व्यस्त रहते हैं. ईडी छापेमारी करती है, लेकिन यह नहीं बताती कि किसके यहां से क्या बरामद हुआ है. ईडी के साथ राजनीतिक लड़ाई लड़ने पर विवश किया जा रहा है. जैसा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किया गया, वैसा ही झारखंड में किया जा रहा है. राज्य सरकार ने कैबिनेट में निर्णय लेकर कहा है कि आप पूरे तथ्य के साथ आइए, हम पूरा सहयोग करेंगे. नया वर्ष आरंभ होने के साथ ही फिर से शुरुआत की गई है. इतने दिनों से ईडी ने कई लोगों को पकड़ कर रखा है. उसमें राजनीतिक लोग भी हैं. ईडी को बताना चाहिए कि किसके पास से क्या मिला. ईडी को यह भी बताना चाहिए कि उसकी सूचनाएं सार्वजनिक कैसे हो रही हैं.

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