
Ranchi/Koderma: किसानों और मजदूरों की मांग को लेकर सीटू, किसान और मजदूर यूनियन की ओर से नयी दिल्ली में मजदूर किसान संर्घष रैली का आयोजन किया गया. रैली में झारखंड से भी सीटू, किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. वहीं, राज्य से लगभग दो हजार किसान आंदोलन में शामिल हुए. इसकी जानकारी देते हुए सीटू के प्रकाश विप्लव ने कहा कि देश के लाखों मजदूरों और किसानों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसभा आयोजित कर सरकार के नीतियों का विरोध किया. जिसमें मुख्य रूप से मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड निरस्त करने, असंगठित ठेका और आऊट सोर्सिंग कामगारों को प्रतिदिन न्यूनतम 600 रुपये वेतन का भूगतान सुनिश्चित करने, किसानों को उनके उपज का एमएसपी दिए जाने की गारंटी करने, मनरेगा में दो सौ दिन का काम और 600 रूपये मजदूरी देने, महंगाई पर रोक लगाने, खाली पड़े सभी रिक्त पदों पर अविलंब बहाली करने, राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने दवाओं समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण लगाने, बिजली अधिनियम संशोधन वापस लेने समेत 14 सूत्री ज्वलंत मुद्दों पर आगामी संघर्ष का एलान किया. प्रकाश ने बताया कि मई में व्यापक अभियान चलाकर जुन माह में सभी राज्यों की राजधानियों में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा. इस प्रभावी और ऐतिहासिक रैली में देश के मजदूरों और किसानों का एक मंच पर आकर और साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन का एलान करना होगा. जो देश की राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है.

रैली में शामिल मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने बताया कि रैली में जीवन जीविका पर मोदी सरकार के बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट संघर्ष का एलान किया गया. उन्होंने कहा कि इस प्रभावी और ऐतिहासिक रैली में देश के मजदूरों और किसानों का एक मंच पर आकर और साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन का एलान करना देश की जनपक्षीय राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है. रैली में कोडरमा जिला सहित झारखंड से करीब दस हजार मेहनतकशों ने हिस्सा लिया. जिला से किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव असीम सरकार, सीटू से सम्बद्ध आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, कंचन देवी, निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) के नेता प्रेम प्रकाश, नागेश्वर दास, शम्भु पासवान, शिवनंदन भूइयां सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए.





