
Ranchi: तय समय से एक सप्ताह की देरी के बाद अब मानसून केरल तट से टकरा गया है. इसके साथ ही केरल में मॉनसून का असर देखा जा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने इस संबध में जानकारी देते हुए बताया कि मॉनसून केरल पहंच गया है. लेकिन शुरूआत में इसका असर कम देखा जायेगा. जिसकी प्रमुख वजह चक्रवात बिपरजॉय है. मॉनसून की स्थिति सामान्य होने पर एक जून को यह केरल तट से टकराती. लेकिन इस बार मॉनसून की दस्तक में देर हो गयी. जिससे देश के अधिकांश इलाकों में प्रचंड गर्मी का एहसास हुआ.
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18 जून तक झारखंड में दस्तक
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो स्थिति सामान्य होने पर सात से दस दिनों के अंदर मॉनसून केरल से होते झारखंड में प्रवेश करता है. लेकिन इस बार मानसून के एक सप्ताह देर से आने के कारण इस बार 15 जून से 18 जून के बीच राज्य में मॉनसून की एंट्री होगी. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो 10 जून तक मानसून महाराष्ट्र पहुंच जायेगा. इसके बाद 15 जून को यह गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार तक पहुंच जायेगा. 20 जून को मानसून गुजरात के आंतरिक इलाकों, एमपी के मध्य हिस्सों और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा. 25 जून तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर पहुंच जायेगा. वहीं 30 जून को यह राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में प्रवेश कर जायेगा.
12 जून से बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से झारखंड में 12 जून से हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावन भी व्यक्त की है. जिसमें बताया गया है कि 10 जून तक राज्य के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी. वहीं, कुछ इलाकों में दोपहर बाद बादल छाये रहेंगे. लेकिन इससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है. वहीं, 12 जून से 14 जून तक राज्य के उत्तरी पूर्वी और मध्य भागों में बारिश की जानकारी दी गयी है.




