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TVNL: निकला अबतक का सबसे बड़ा टेंडर, लोकल ठेकेदार नहीं ले सकेंगे हिस्सा, गहरा सकता है रोजगार का संकट

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Akshay Kumar Jha

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Ranchi: TVNL (तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड) में पहली बार एक ऐसा टेंडर निकला है, जिसमें हमेशा से TVNL के टेंडर में भाग लेने वाले ठेकेदार हिस्सा नहीं ले सकेंगे. इस टेंडर के लिए अब सिर्फ बड़ी कंपनियां ही आगे आ सकती है.

TVNL के ललपनिया प्लांट में दो यूनिट से बिजली का उत्पादन होता है. इन दोनों यूनिट में दो ब्वॉयलर और तीन मिल है. इससे पहले कंपनी हमेशा अलग-अलग यूनिट के मेनटेनेंस के लिए टेंडर निकाला करती थी. जिसमें लोकल ठेकेदार हिस्सा लेते थे और काम करते थे.

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लेकिन, इस बार कुछ दिनों पहले नए एमडी का पदभार ग्रहण करने वाले अरविंद कुमार सिन्हा ने दोनों यूनिट का एक साथ टेंडर निकाला है.

टेंडर के मुताबिक जो भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में सफल होगी, वो दो साल के लिए मेनटेनेंस का काम करेगी. दोनों यूनिट का टेंडर एक साथ निकालने से नियम और शर्तों में काफी बदलाव हुआ है.

जो कि लोकल ठेकेदार पूरा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में TVNL में काम करने वाले ठेकेदारों के बीच हड़कंप है. वो अपनी बात ऊपर तक पहुंचाने की हर जुगत में लगे हैं.

कहां फंस रहा पेंच

TVNL के इस काम को हासिल करने के लिए नियम और शर्त काफी कड़े कर दिये गये हैं. वो ही कंपनी इस टेंडर में भाग ले सकती है, जिसने तीन बार 25 लाख तक का वर्क ऑर्डर ऐसे काम के लिए लिया हो. यहीं सारी कहानी फंसी हुई है.

दरअसल, आज तक TVNL में इतना बड़ा टेंडर निकला ही नहीं. TVNL के लिए काम करने वाले शुरुआत से ही TVNL के लिए ही काम करते आये हैं.

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अब जब आजतक TVNL में 25 लाख का वर्क ऑर्डर इस काम के लिए निकला ही नहीं, तो लोकल ठेकेदार कहां से तीन बार का वर्क ऑर्डर लायेंगे. ऐसे में अब सिर्फ बड़ी कंपनियां ही इस टेंडर में हिस्सा ले सकती हैं. जिससे लोकल ठेकेदारों की जान पर बन आयी है.

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गहरा सकता है रोजगार का संकट

मामले को लेकर न्यूज विंग ने प्रबंधन से बात करने की कोशिश की. TVNL के एमडी अरविंद कुमार सिन्हा के तीन फोन नंबर पर फोन किया गया. लेकिन तीनों स्विच ऑफ थे.

बाद में उनके मोबाइल पर मैसेज करने पर एमडी ने बताया कि वो यूएस में हैं. और एक हफ्ते बाद भारत लौटेंगे. तब ही इस मसले पर जानकारी दे पायेंगे .

वहीं TVNL के जीएम सनातन सिंह से इस मामले पर बात की गयी. उन्होंने कहा कि उन्हें इस टेंडर के बारे में कोई जानकारी नहीं है. सारा काम रांची से हो रहा है. ऐसे में जो भी बात करनी है, रांची कार्यालय से ही करें.

वहीं मामले को लेकर ठेकेदारों का कहना है कि हमें काम नहीं मिलेगा तो इलाके में रोजगार का संकट गहरा सकता है. नाम ना छापने की शर्त पर एक ठेकेदार ने कहा कि दरअसल संयंत्र में जो भी काम होता है, यहां आस-पास या झारखंड के ही लोग काम करते हैं.

कई छोटी कंपनी पूरी तरह से TVNL पर ही निर्भर है. अगर बड़ी कंपनी को काम मिलेगा तो लोग भी बाहर के आयेंगे. ऐसे में यहां के लोगों पर रोजगार का संकट गहरा सकता है.

कहा कि अगर काम नहीं मिलेगा तो हम अपने यहां काम करने वालों को कहां से रोजगार दे पाएंगे. बड़ी कंपनी को काम मिलने से ठेकेदार के साथ मजदूर और टेक्निशियन्स भी बेरोजगार हो जाएंगे.

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