
Manoj Kumar Pintu
Giridih : सनातन धर्म में तुलसी का खास महत्व है. हर कोई तुलसी के पौधे को जल अर्पित कर अपने दिन की शुरुआत करते हैं. साइंस में भी तुलसी के पौधे में औषधीय गुण होने की प्रमाणिकता है. यह कई प्रकार की जटिल बीमारियों को दूर करने में सहायक है. अब यही तुलसी का पौधा गिरिडीह के गांडेय की ढाई सौ महिलाओं के जीवन को रोजगार देकर संवार रहा है. गांडेय के करीब दर्जन भर गांव की ढाई सौ महिलाओं के जीवन का सहारा बना हुआ है तुलसी का पौधा. जिसकी खेती कर 250 सौ महिलाएं जेएसएलपीएस के गांडेय के गिरिधन महिला प्रोडक्शन कंपनी को बेचती हैं. जबकि यही कंपनी इन महिलाओं को प्रति टन से 1200 सौ रुपये उनके अकाउंट में भुगतान करती है. फिलहाल गांडेय चंपापुर, मोचियाडिह, दोडिया, और मड़वातांड़ समेत कई गांवों के 40 हेक्टयर में तुलसी की खेती हो रही है.
अब गिरिधन महिला प्रोडक्शन कंपनी ने तुलसी की खेती को और अधिक विस्तार देने का योजना बनायी है. जिससे अधिक से अधिक महिलाएं जुड़ सकें. इधर गिरिधन महिला कंपनी के प्रभारी गौरव कुमार ने कहा की महज 100 ग्राम के बीज से 200 टन तक तुलसी के पौधे का उत्पादन संभव है. दर्जन भर गांव की 200 महिलाएं हर महीना 7 टन तक का उत्पादन कर रही हैं. इसके बाद कंपनी इन महिलाओं से पौधे खरीद कर उसका तेल बनाती है और देश के दूसरे राज्यों में बेचती है. जिसकी डिमांड भी काफी अधिक है. महिलाएं सिर्फ दो महीना ही तुलसी की खेती करती हैं.
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