
Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि इस साल की शुरुआत जनवरी में चीन के साथ उन्होंने जिस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे अब उसे लेकर उनके विचार बदल गए हैं. ट्रम्प ने किसी समय इस समझौते को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया था.
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बीजिंग नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी एक बार फिर जाहिर करते हुए उन्होंने चीन पर कोरोना वायरस को फैलने देने का आरोप लगाया.
मंगलवार तक कोविड-19 के कारण करीब 92,000 अमेरिकियों की मौत हो गई और 15 लाख अमेरिकी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. दुनियाभर में कोरोना वायरस के कारण अब तक करीब 3,20,000 लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिका और चीन ने अपने बीच 22 महीने से जारी व्यापार युद्ध खत्म करते हुए जनवरी में एक समझौता किया था. इसके तहत बीजिंग ने 2020-2021 में अमेरिकी उत्पादों की खरीद 200 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति जताई. ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन महीने पहले मैं इस समझौते को लेकर जो सोचता था, वह अब बदल गया है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या होता है, देखेंगे. लेकिन बहुत ही निराशाजनक हालात हैं. चीन के साथ बहुत ही निराशाजनक बात हुई है क्योंकि एक महामारी फैली, जो नहीं होनी चाहिए थी और इसे रोका जा सकता था.’’
ट्रम्प ने कहा कि जब चीन के साथ समझौता हुआ था तो वह बेहद उत्साहित थे.
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन फिर वायरस आ गया, उन्होंने ऐसा कैसे होने दिया? और यह चीन के दूसरे वर्गों में कैसे नहीं पहुंचा? उन्होंने इसे वुहान से बाहर निकलने से कैसे रोका? लेकिन उन्होंने इसे अमेरिका समेत बाकी दुनिया में जाने से नहीं रोका, ऐसा क्यों
अमेरिका को चीन पर निर्भरता समाप्त करनी चाहिए: हेली
भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने अमेरिका की चीन पर निर्भरता को समाप्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत हेली ने कहा, ‘‘बीजिंग ने मुक्त बाजार का दुरुपयोग करके उसे समाप्त किया, ऐसे में अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मुक्त बाजार को नियंत्रित करके इसे मजबूत करना चाहिए.’’
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उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने आर्थिक खुलेपन का चीन को गलत फायदा उठाने से रोकने के लिए कड़ा प्रतिबंध लगाना चाहिए और उसे उसके दमनकारी कदमों का दंड देना चाहिए.
उन्होंने एक संपादकीय में लिखा कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि ‘‘हमारे पास सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी उद्योगों के लिए अमेरिका के अनुकूल आपूर्ति श्रृंखला हो, न कि इसके लिए हम किसी दबंग प्रतिद्वंद्वी देश पर निर्भर हों.’’
उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमेशा से इस बात को समझते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा आर्थिक सुरक्षा का आधार है.
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम कोरोना वायरस संकट से अधिक मजबूत और सुरक्षित बनकर उबरने की कोशिश कर रहे हैं, तो ऐसे में हमें हमारे लोगों को चीनी साम्यवाद के कपट और आक्रामक व्यवहार से बचाने के लिए साहसी एवं रचनात्मक कदम उठाने चाहिए.’’
हेली ने कहा कि अमेरिका को वही तरीका अपनाना चाहिए जो उसने शीत युद्ध के दौरान अपनाया था, जब उसने सोवियत सेना के तकनीकी विकास पर लगाम लगाने के लिए नई नीतियां बनाई थीं जिनमें आयात पर नियंत्रण और व्यापार को बढ़ावा देना शामिल था.
उन्होंने कहा, ‘‘अब साम्यवादी चीन के मामले में भी इसी प्रकार का दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है. कोरोना वायरस महामारी ने यह दिखा दिया है कि हम कुछ दवाओं से लेकर अत्यावश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों तक अहम चिकित्सकीय आपूर्ति के लिए उस देश पर कितने निर्भर है. यह संकट कोरोना वायरस की तरह ही खतरनाक है और इससे निपटना हमारी शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए.’’
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