
Ranchi : राज्य के 88 मदरसा के 179 शिक्षक बीते छह साल से मानदेय का इंतज़ार कर रहे हैं. इन्हें मानदेय कब दिया जायेगा इसका जवाब शिक्षा विभाग के पास भी नहीं है. बताते चलें कि विभिन्न विषयों के 179 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति एक साल के लिए की गयी. उसने लगातार काम भी लिया गया. और अब तक मानदेय के लिए इंतज़ार कराया जा रहा है. इन्हें केंद्र की ओर से राशि नहीं भेजे जाने की वजह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है.
इसे भी पढ़ें : छात्रवृत्ति और साइकिल की राशि के डीबीटी के लिए बच्चों का बैंक खाता खोलने की मॉनिटरिंग करेंगे एसडीओ
क्या है मामला
राज्य में 88 मदरसे ऐसे हैं, जहां उर्दू के साथ-साथ गणित, विज्ञान, भाषा और सोशल साइंस की पढ़ाई के लिए शिक्षक नियुक्त किए गए. इन शिक्षकों की नियुक्ति राज्य में स्कीम फ़ॉर प्रोवाइडिंग एजुकेशन इन मदरसा/माइनॉरिटी के तहत 1 वर्ष के लिए की गई. इस स्कीम के तहत आने वाले खर्च में 60 फ़ीसदी हिस्सेदारी केंद्र सरकार की और 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार की होती है. पर केंद्र सरकार की ओर से राशि नहीं भेजे जाने की वजह से इन शिक्षकों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है.
क्या कह रहा है शिक्षा विभाग
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र प्रायोजित इस स्कीम के तहत मिलने वाली केंद्र की राशि 2014-15 तक मिली जिसके बाद मदरसों को राशि आवंटित की गई. साल 2015-16 के बाद इस योजना के निमित्त केंद्र की राशि नहीं मिल पाई है. अब विभाग ने 28 जुलाई को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर केन्द्रांश देने का अनुरोध किया है. विभागीय अधिकारी के मुताबिक केंद्र से राशि मिलने के साथ ही बकाए मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा.




