
Nikhil Kumar
Ranchi : राज्य के वनवासियों को मनरेगा-बागवानी योजना से जोड़ा जायेगा. राज्य सरकार के निर्देश के बाद राज्य में वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पट्टा प्राप्त 66 हजार से अधिक लाभान्वितों को मनरेगा की महत्वकांक्षी योजना बिरसा हरित ग्राम से जोड़ने का काम प्रारंभ किया गया है. उनको पट्टा पर आवंटित जमीन पर बिरसा हरित ग्राम योजना को संचालित किया जायेगा,जिससे इन व्यक्ति,सामुदायिक पट्टाधारियों की जमीन पर इस योजना के क्रियान्वयन से रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी ही साथ ही साथ उनके आय में वृद्धि होगी और जीवन स्तर में भी सुधार होगा.
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अनुसूचित जनजाति,अनुसूचित जाति,अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव केके सोन ने इसके लिए राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को पत्र लिखा है और वनाधिकार पट्टा लिए लोगों को मनरेगा की योजना से जोड़ने का आग्रह किया है. झारखंड के सभी जिलों में पारंपरिक रूप से रह रहे वनवासी को वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत अब तक 63319 व्यक्तितयों को 64780.04 एकड़ भूमि पर व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा एवं कुल 2686 समुदाय को 116654.89 एकड़ सामुदायिक वनाधिकार पट्टा निर्गत किया गया है. यानि व्यक्तिगत व सामुदायिक मिलाकर पूरे राज्यभर में अब तक 1.81 लाख एकड़ भूमि का पट्टा वनवासियों को दिया जा चुका है. सरकार का मानना है कि यदि इन वनाधिकार पट्टाधारियों को बिरसा हरित ग्राम योजना का लाभ दिया जाता हे तो उनके आजीविका के स्थायी श्रोत का सृजन हो सकेगा एवं उन्हें रोजी-रोटी के लिए पलायन भी नहीं करना पड़ेगा साथ ही वन-क्षेत्र में उक्त योजना के क्रियान्वयन से पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी.
मनरेगा आयुक्त ने सभी जिलों को लिखा पत्र
सचिव के के सोन के अनुरोध पर मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त व उपविकास आयुक्तों को पत्र लिखकर सभी वनाधिकार पट्टा प्राप्त लाभुकों को मनरेगा के साथ-साथ बिरसा हरित ग्राम योजना से भी लाभान्वित करने का निर्देश दिया है.
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50 हजार तक आय होने की संभावना
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में 1400 एकड़ खाली जमीन पर फलदार पौधे लगाये जा रहे हैं. आम,अमरूद,नींबू सहित कई फलदार पौधे लगाकार किसानों की आय बढ़ाने की मकसद से इस योजना की शुरूआत की गयी है. इसमें मनरेगा योजना को भी जोड़ा गया है. सरकार का यह उदेश्य है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना काफी लाभप्रद होगी. अब वनवासियों को भी इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार बागवानी के लिए पौधे भी उपलब्ध कराती है. एक अनुमान के अनुसार इस योजना से ग्रामीण तीन साल बाद 50,000 रुपये की कमाई कर सकता है. इस योजना के तहत 5 लाख परिवारों को 100-100 पौधे लगाने को दिए जायेंगे. इस तरह सये पूरे राज्य में पांच करोड़ पौधे लगायें जायेंगे.
| जिला | व्यक्तिगत (लोग) | सामुदायिक | व्यक्तिगत पट्टा (एकड़ में ) | सामुदायिक पट्टा (एकड़, जमीन) |
| गढ़वा | 680 | 1041 | 345.704 | 6226.4032 |
| चतरा | 1412 | 23 | 2021.76 | 764.29 |
| कोडरमा | 396 | 13 | 177.27 | 20.22 |
| गिरिडीह | 6604 | 129 | 2165.18 | 7919.81 |
| देवघर | 716 | 3 | 548.689 | 87.065 |
| गोड्डा | 1070 | 259 | 533.689 | 22303.41 |
| साहिबगंज | 1524 | 121 | 691.755 | 2713.861 |
| पाकुड़ | 909 | 0 | 764.16 | 0 |
| धनबाद | 1195 | 87 | 1988.59 | 1463.54 |
| बोकारो | 924 | 3 | 554.134 | 2.25 |
| लोहरदगा | 777 | 48 | 360.23 | 2141.31 |
| पूर्वी सिंहभूम | 4136 | 9 | 1344.82 | 3.34 |
| पलामू | 4818 | 22 | 1832.44 | 11292.96 |
| लातेहार | 3610 | 31 | 6068.07 | 4397.94 |
| हजारीबाग | 3703 | 341 | 4408.664 | 6563.214 |
| रामगढ़ | 700 | 5 | 490.94 | 0.48 |
| दुमका | 4654 | 19 | 4708.49 | 6563.214 |
| जामताड़ा | 1116 | 3 | 741.19 | 2.16 |
| रांची | 1662 | 46 | 271.272 | 4221.667 |
| खूंटी | 785 | 78 | 399.76 | 1015.22 |
| गुमला | 1801 | 34 | 16064.01 | 3182.8 |
| सिमडेगा | 9680 | 81 | 4320.46 | 20703.86 |
| प.सिंहभूम | 7032 | 223 | 13370.42 | 7044.71 |
| सरायकेला | 2415 | 67 | 588.58 | 13502.887 |
| कुल: | 63319 | 2686 | 64760.063 | 116654.89 |
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