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आदिवासी बेटी से मुंह से साफ करवाया पेशाब, दर्जनों जख्म लिए जिंदगी-मौत से जूझ रही सुनीता, अपने बेटे को भी मनोरोगी बता रिनपास में कराया भर्ती- देखें वीडियो (पार्ट-2)

Akshay Kumar Jha
Ranchi: रिटायर्ड आईएएस महेश्वर पात्रा की पत्नी और भाजपा नेत्री सीमा पात्रा ने घर में काम करने वाली मेड सुनीता के साथ जब पाशविक अत्याचार किया तो उनके अपने बेटे आयुष्मान पात्रा ने विरोध किया. उसने मां से बहस की तो उन्होंने उल्टे उसे मानसिक रोगी करार देते हुए रिनपास में भर्ती करा दिया. आयुष्मान अभी भी रिनपास में हैं.

सुनीता के मुताबिक उसे एक कमरे में बंद कर दिया था. खाना-पीना तक बंद कर दिया. बिना बात उसके मारा-पीटा जाने लगा. उसके आगे के तीनों दांत कठोर वस्तु से प्रहार कर तोड़ दिए गए. बेरहमी इतनी कि इस घर में काम करने आई अच्छी-भली सुनीता अपने पांवों पर खुद खड़ी नहीं हो पाती. वह फर्श पर घिसट-घिसट कर चलती थी. बंद कमरा ही उसका अब बेडरूम और बाथरूम था. अगर गलती से सुनीता का पेशाब कमरे से बाहर चला जाता तो उसे अपने मुंह से उसे चाट कर साफ करना पड़ता था. घिसट-घिसट कर वो किसी तरह वो ये काम भी करती थी. उसके जिस्म पर बेहिसाब जख्म हैं. सुनीता के मुताबिक उसे गर्म तवे से कई बार दागा गया. उसके चेहरे, हाथ, पांव, पेट, पीठ हर जगह जख्म हैं.
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देखें वीडियो :

बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट रहे अपने बेटे को पहुंचा दिया रिनपास

सीमा पात्रा का बेटा आयुष्मान एक जीनियस स्टूडेंट हुआ करता था. बीआईटी मेसरा के 2002 बैच में बीटेक (मेकनिकल) ब्रांच में उसका दाखिला हुआ. अत्याचार की इस कहानी को बंद कमरे से निकालकर पुलिस तक पहुंचाने वाले और सुनीता पर हो रहे अत्याचार की लिखित कंप्लेन पुलिस में दर्ज कराने वाले आनंद विवेक बास्के से उसकी दोस्ती वहीं हुई. विवेक बास्की इन दिनों झारखंड सरकार के सचिवालय में कार्मिक एवं राजभाषा विभाग में प्रशाखा पदाधिकारी हैं. आनंद विवेक के अनुसार वे दोनों एक दूसरे के घर आना-जाना करते थे. विवेक ही वो शख्स हैं, जिन्होंने सुनीता पर हो रहे जुल्म की सूचना पुलिस-प्रशासन तक पहुंचाई.

इधर आयुष्मान ने जब देखा कि सुनीता को उसकी मां अपने अत्याचारों से मार डालेगी तो उसने पुलिस में उसकी शिकायत करने की सोची. रांची के एक थाने में पहुंचा भी लेकिन सीमा पात्रा को इसकी भनक लग गई और उसके अपने बेटे को किसी तरह समझा-बुझा कर मैनेज कर लिया. उसे समझाया गया कि अब घर में ऐसा कुछ नहीं होगा. इसलिए वो अपना मुंह बंद रखे. लेकिन कुछ भी ठीक नहीं हुआ और आयुष्मान धीरे-धीरे हिम्मत हारने लगा. आखिरकार तंग आकर उसने अपने पुराने दोस्त को याद किया. उसे एक रात करीब दो बजे फोन लगाया और पूरी दास्तां बताई.

पालतू कुत्ते को भी नहीं बख्शा

बताने वाले ने न्यूज विंग को बताया कि पात्रा के घर में मालिक और मालकिन सब कुछ रिटायर्ड आईएएस की पत्नी सीमा पात्रा ही हैं. कुछ दिनों पहले उनके घर में एक पालतू कुत्ता खरीदा गया. कुछ दिन तो उसे घर में लाड़ और प्यार मिला. लेकिन उस पालतू ने सोचा भी नहीं होगा कि उसकी मौत इतनी भयावह होगी. उसके थोड़े बड़े होते ही उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया. उसे एक जगह बांध दिया गया. कुछ दिनों तक भूख से तड़पते हुए उसकी जान चली गयी. पालतू कुत्ते की लाश को अपने ही घर में गढ्डा खोद कर गाड़ दिया गया. कुछ ऐसा ही हाल उस घर में काम करने वाली मेड सुनीता का भी होने वाला था.

इतना ही नहीं उन्होंने अपने बेटे को मानसिक आरोग्यशाला रिनपास में भर्ती कराया है. इस कहानी का खुलासा अगली कड़ी में
To be continued…

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