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JHARKHAND TRIBES

फूड जतरा : आदिवासी खानपान के साथ पारंपरिक परिधान व वाद्ययंत्रों का किया गया प्रदर्शन

Ranchi : संगम गार्डेन मोरहाबादी में रविवार को फूड जतरा का आयोजन किया गया. इसमें आदिवासी खान-पान का प्रदर्शनी लगायी गयी व एवं आदिवासी पारम्पारिक परिधान व वाद्य यंत्रों का भी प्रदर्शन किया गया.आदिवासी खान-पान बनाने वाले दो रेस्टोरेंट के सेफ…

22 सितंबर को मोरहाबादी में ‘फूड जतरा’, #TRIBAL खान-पान को नयी पहचान देने की पहल

Ranchi : जल, जंगल, ज़मीन आदिवासी समाज की पहचान रहे हैं. साथ ही इनकी जीवनशैली और इनकी संस्कृति के ये अभिन्न अंग इनके फूड हैबिट रहे हैं. अपने फूड हैबिट  के वजह से यह समुदाय कठिन परिस्थतियों में भी वन क्षेत्र में सदियों से सरवाइव करते रहे हैं.…

पांचवीं अनुसूची आदिवासी अधिकारों की गारंटी

आज से ठीक सत्तर साल पहले संविधान-सभा में पांचवीं अनुसूची पारित करते हुए की गई बहस से समझा जा सकेगा कि आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर कौन कहां खड़ा था.पांचवीं अनुसूची के नाम पर फ़ैलाई जा रही उल-जलूल बातों का सच भी इसी बहस में छुपा है. गौर…

जनजातीय समाज के लिए शिक्षा और सामाजिक जागरुकता जरूरी : राज्यपाल द्रौपदी मुरमू

Ranchi :  राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने कहा है कि जनजातीय आबादी के बीच शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरुकता जरूरी है. राज्यपाल की अध्यक्षता में  गुरुवार को पांचवीं अनुसूची से संबंधित मामलों के विशेषज्ञ समूह की पहली बैठक में उन्होंने यह बातें…

जमशेदपुरः बदहाली में जी रही सबर आदिम जनजाति को किसी दल ने नहीं बनाया चुनाव का मुद्दा

सीएम रघुवर दास और मंत्री सरयू राय का क्षेत्र के रूप में है इलाके की पहचान चार गांवों के 106 सबर परिवारों में से 45 परिवार राशन और पेंशन से वंचित हैंRanchi:  राज्य में विकास विज्ञापनों में ही दिखता है. जनता के सवालों को लेकर हल…

पर्यावरण संरक्षण अखड़ों तक सीमित न रहे, हर किसी की भागीदारी हो: द्रौपदी मुर्मू

वर्तमान में पर्यावरण को लेकर हर कोई चिंतित है, पर आदिवासी समाज से सदियों से ऐसा कर रहा जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा विभाग में सरहुल का आयोजनRanchi: पर्यावरण सरंक्षण वर्तमान में वैश्विक मुद्दा है. लोग इसके सरंक्षण को लेकर चिंतित…

जंगल वनाश्रितों के लिए संसाधन नहीं, प्राकृतिक धरोहर है: सिमोन उरांव

Ranchi: गांवों से शहर आने पर पता चलता है कि कितनी तेजी से बदलाव हो रहा है. भले ग्रामीणों के पास इतने संसाधन न हों और न ही इतनी आधुनिकता है, लेकिन फिर भी समय के साथ होनेवाले बदलाव से गांव भी अछूते नहीं हैं. युवाओं में अपनी विरासत संजोने की…

संताल परगना में बाहा पर्व की धूम, तीन दिन तक चलता है त्योहार

Dumka: संताल परगना में इन दिनों संताल समुदाय बाहा पर्व मनाने में जुटा है. बाहा आदिवासी बाहुल्य गांवों में हिन्दुओं के प्रमुख त्योहार होली की तरह मनाया जाता है.लेकिन यहां रंगों की जगह सिर्फ पानी का प्रयोग होता है. तीन दिनों तक चलनेवाले…

मिट्टी संग्रह के बहाने आदिवासियों के धार्मिक स्थल को निशाना बना रही है सरकारः आदिवासी संगठन

सरना स्थल से मिट्टी संग्रह के विरोध में आदिवासी संगठन देंगे महाधरना 23 जनवरी को एक ओर मिट्टी लेकर सीएम करेंगे पदयात्रा दूसरी ओर आदिवासी देंगे महाधरना  सरना स्थल से मिट्टी संग्रह क्यों, मंदिर-मस्जिद और चर्च से होना चाहिए था…

सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारा ही झारखंडी संस्कृति को बचायेगाः शिवा कच्छप

Ranchi: सरना प्रार्थना सभा की ओर से रविवार को पंडरा सरना स्थल में सरना प्रार्थना सभा सह झंडा गडी कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसमें धना तिर्की, शिवा कच्छप, विरेन्द्र भगत, जयपाल उरांव ने पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलित कर झंडा गड़ी कार्यक्रम का…

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