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ट्रेड यूनियनों की हड़ताल : कोयला खनन और ट्रांसपोर्टिंग रहा ठप, अधिकतर बैंक बंद रहे

  • बोकारो स्टील प्लांट समेत पत्थर खनन के मजदूरों ने किया समर्थन
  • बिजली कर्मियों, एलआइसी समेत अन्य सरकारी संस्थाओं में दिखा असर

Ranchi: राष्ट्रव्यापी हड़ताल का राज्य में मिला-जुला असर देखा गया. ट्रेड यूनियनों के अनुसार सीसीएल, ईसीएल में कोयला का उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप्प रहा. सीएमपीडीआइ में हड़ताल रही. बीसीसीएल में हड़ताल का असर आंशिक रहा.

बैंको में एसबीआइ और कुछ निजी बैंकों को छोड़ कर एलआइसी समेत कई बीमा कंपनियों में काम बंद रहा. आंगनबाड़ी, सहिया, मीड-डे मील वर्कर, पारा शिक्षक और राज्य सरकार के कर्मचारी हड़ताल पर रहे. केन्द्र सरकार के कार्यालयों में हड़ताल का असर आंशिक रहा.

इसके साथ ही बोकारो स्टील प्लांट, आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग, एनटीपीसी, सेल्स प्रमोशन, इंडियन ऑयल के डिपो के मजदूरों ने हड़ताल की. पत्थर खनन, धनबाद बोकारो के आयरन स्पंज, किरिबुरू, मघाहातुबुरू आदि के लौह खदानों में 70 प्रतिशत मजदूर हड़ताल में रहे. बिजली कर्मियों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया.

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ग्रामीण इलाकों में किसानों ने किया विरोध

राष्ट्रव्यापी आंदोलन को देश भर के दस श्रमिक संगठनों समेत 42 अन्य संगठनों ने समर्थन दिया. इस दौरान राज्य के ग्रामीण इलाकों में किसानों ने प्रदर्शन किया. वहीं मजदूर हड़ताल में रहे.

अखिल भारतीय किसान संघर्ष मोर्चा की ओर से 27 नवंबर को राजभवन मार्च किया जायेगा. इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जायेगा.

राज्य में हड़ताल का नेतृत्व सीटू, इंटक, एक्टू, एटक, टीयूसीसी और एआइयूटीयूसी ने किया. इंटक महासचिव राकेश्वर पांडे ने कहा कि आंदोलन केंद्र सरकार के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया, जो कई इलाकों में सफल रहा. इन कानूनों में मुख्य रूप से कृषि बिल, संशोधित बिजली अधिनियम, श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में किया गया.

ये है मांगें

मजदूर विरोधी श्रम कोड एवं किसान विरोधी कानून वापस लेने, न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 24000 करवाने, बैंक, बीमा, रेलवे, रक्षा, पेट्रोलियम, बंदरगाह, एयरपोर्ट सहित सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण को रोकने, निजी व सरकारी क्षेत्र के छंटनीग्रस्त श्रमिकों एवं कर्मचारियों की रोजगार बहाली, गैर आयकरदाता परिवारों को हर महीना 7500 रुपये देने, जरूरतमंदों को प्रतिमाह 10 किलो मुफ्त राशन देने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये मजदूरी देने समेत अन्य मांगों के लिये किया गया.

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मजदूर यूनियनों ने चिरेका में की सभा, केंद्र सरकार की जमकर आलोचना

Jamtara: चित्तरंजन में कई मजदूर संघों ने संयुक्त रूप से सभा की. सभा के माध्यम से मजदूर संघों ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. कहा कि मजदूर विरोधी ताकत कभी मजदूर के हित की नही सोच सकती.

चिरेका प्रशासन भवन के समक्ष आरके गेट पर गुरुवार को लेबर यूनियन समेत एआइसीसीटीयू, सीटू, ईएमयू, रेलवे रिटायर्ड इम्प्लाइज एसोसिएशन, रेलवे सुपरवाइजर एसोसिएशन के सदस्यों ने एक स्वर में देश के केन्द्रीय सरकार को देशद्रोही सरकार बताया. कहा उसकी मंशा को कभी पूरा नहीं होने दिया जायेगा.

वक्ताओं में लेबर यूनियन के सचिव राजीव गुप्ता, रेलवे इम्प्लाइज यूनियन के प्रदीप बनर्जी, सुपरवाइजर एसोसिएशन के आलोक घोष आदि ने संबोधित करते हुए कहा देश की संपदा और आत्मनिर्भर भारत की जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को पूंजीपतियों के हाथ बेचने की कोशिश करने वाली सरकार कभी देशप्रेमी नहीं हो सकती. इसके इस नापाक इरादे को हम मजदूर वर्ग बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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पलामू: हड़ताल पर रहे प्रमंडल के 1200 डाककर्मी, 50 लाख का कारोबार प्रभावित

Palamu: अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी, पोस्टमैन एवं एमटीएस तथा ग्रामीण डाक सेवक गुरूवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे. पलामू प्रमंडल के करीब 1200 डाककर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण 50 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ.

सभी डाकघरों में ताले लटके रहे. हड़ताल दौरान मेदिनीनगर में प्रधान डाकघर के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया गया. साथ ही 10 सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की गयी.

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डाककर्मियों की कौन कौन सी है मांगे

डाककर्मियों की मांगों में नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी वैधानिक पेंशन को लागू करने, सरकारी एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण बंद हो, डाक सहायक, पोस्टमैन, एमटीएस तथा जीडीएस के सभी रिक्त पदों पर अविलंब बहाली की जाये, शत-प्रतिशत अनुकंपा बहाली की जाये, कोविड-19 से प्रभावित सभी कर्मचारियों को स्पेशल छुट्टी की व्यवस्था हो, महंगाई भत्ते को अविलंब अनफ्रीज करने तथा अन्य शामिल हैं.

धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी के प्रमंडलीय अध्यक्ष कृष्णा राम ने की. प्रदर्शन में ग्रुप सी के प्रमंडलीय सचिव रुपेश कुमार वर्मा, ग्रामीण डाक सेवक के मंडलीय सचिव अजय कुमार सिंह, श्याम कुमार, उमाशंकर शर्मा भट्ट, शिव कुमार साह, रामजन्म ठाकुर, संजय कुमार, सुजीत कुमार, राकेश रंजन, फिरोज मिंज, राम कुमार सोनी, राहुल कुमार, सोहन प्रसाद, विनोद पांडे, लव प्रताप सिंह, राजेंद्र प्रजापति, सुरेंद्र सिंह, संदीप कुमार शामिल थे. कार्यक्रम का संचालन पी-4 के सचिव सुधीर कुमार सिंह ने किया.

उधर, अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के आह्वान पर गुरुवार को हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के जपला मुख्य डाकघर, हैदरनगर, मोहम्मदगंज व जपला सीमेंट फैक्ट्री उप डाकघर सहित छतरपुर उप डाकघर के सभी उप डाकपाल और कर्मचारियों के एक दिवसीय हड़ताल पर चले जाने के कारण डाकघरों में ताले लटके रहे.

हड़ताल में जपला मुख्य डाकघर के उप डाकपाल अरविन्द कुमार ओझा, राकेश कुमार, रतनेश कुमार, विक्रम कुमार, नुशरत खातून, राजदेव राम, अशोक कुमार, मुकेश कुमार, अरुण सिंह, उदय दूबे, रंजीत सिंह, विनोद कुमार, बसंत पाल, रश्मि रंजन कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे.

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देशव्यापी हड़ताल का कोडरमा जिला मे व्यापक असर

Koderma: श्रम कानूनों में मालिक पक्षीय बदलाव कर उन्हे गुलाम बनाने की साजिश, किसानो को बर्बाद करने वाले कानूनों को संसद से जबर्दस्ती पारित कराने, जानलेवा बेरोजगारी, कामबंदी, जबरन रिटायरमेंट, राष्ट्रीय संपदा की लूट और देश की आर्थिक संप्रभुता का आधार सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण किए जाने एवं कोरोना आपदा मे भाजपा सरकार की मनमानी के खिलाफ ट्रेड युनियनों और श्रमिक फेडरेशनो के आह्वान पर गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का कोडरमा जिला मे व्यापक असर रहा.

जगह जगह मजदूर कर्मचारी संगठनों ने निकाला जुलूस किया धरना प्रदर्शन आयोजित और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया.

वामदलों और ट्रेड यूनियन सीटू ऐक्टू और एटक व बीएसएसआर यूनियन के संयुक्त बैनर तले कला मंदिर से मुख्य जुलुस निकला जो ओवरब्रिज झंडा चौक होते हुए बिग बाजार के पास पहुंचकर सभा मे तब्दील हों गया.

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एक्टू के जिला संयोजक विजय पासवान की अध्यक्षता मे हुई सभा को सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान, जिप सदस्य महादेव राम, माले के जिला सचिव मोहन दत्ता, सीपीआई जिलामंत्री प्रकाश रजक, एटक नेत्री सोनिया देवी, सीपीएम नेता महेंद्र तुरी ने सम्बोधित किया.

वक्ताओं ने कहा कि कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कोरोना और लॉक डॉउन को अवसर में बदलकर पूंजीपति दोस्तो के हित में जनविरोधी फैसले ले रही है और एक एक कर सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण कर रही है तथा युवाओं का भविष्य को बर्बाद कर रही है.

सरकार रक्षा, कोयला, इस्पात, दूर संचार, बैंक, बीमा, रेलवे, पेट्रोलियम, एयरपोर्ट और बंदरगाह समेत अन्य महत्वपूर्ण उद्योगों को बेचने पर तुली है. सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करना होगा.

मौके पर बिरेन्द्र यादव, अर्जुन यादव, महेश सिंह, सरिता रानी, सुनील गुप्ता, नागेश्वर प्रसाद, भिखारी राम, गयासुदीन अंसारी, भिखारी राम, सुरेंद्र राम, शम्भू कुमार, राजेंद्र यादव, अजय पाण्डेय, प्रकाश यादव, तुलसी राणा, संदीप कुमार, चरणजीत सिंह, अशोक यादव, मुन्ना यादव, अनवर अंसारी, भोला यादव, अजय यादव, मंसूर अंसारी, पंकज पासवान, किशोर कुमार, सूरज कुमार सिन्हा, समीर कुमार, मृणाल गौतम, शेरू निशा सहित बड़ी संख्या मे लोग शामिल थे.

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केटीपीएस में निकली रैली, सभा का आयोजन

जयनगर प्रखंड के डीवीसी केटीपीएस पावर प्लांट में झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन संबद्ध एक्टू के नेतृत्व में एडीएम बिल्डिंग से मेन गेट तक रैली निकाली गई. मेन गेट पहुंचकर रैली सभा में तब्दील हुई रैली का नेतृत्व एक्टू के जिला संयोजक सह यूनियन सचिव विजय पासवान ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद पासवान व संचालन राजकिशोर यादव ने किया.

एक्टू के जिला संयोजक विजय पासवान कहा कि श्रम सुधारों के नाम पर मजदूरों को गुलाम बनाने की साज़िश के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 4 नए श्रम कोड लाने, राष्ट्रीय संपत्ति का निजीकरण करने के खिलाफ आज पूरे देश में मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं.

कार्यक्रम में नारा दिया गया श्रम क़ानून वापस लो, समान काम का समान वेतन देना होगा, मजदूर विरोधी नये श्रम कोड एवं किसान विरोधी कानून वापस लो, न्यूनतम वेतन 24000 करना होगा, बैंक, बीमा, रेलवे सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद करो, सरकारी विभागों में कार्यरत सभी अस्थाई संविदा कर्मचारियों को अस्थाई करना होगा.

कार्यक्रम को जयनगर उप प्रमुख सीपीआई नेता वीरेंद्र यादव, छोटू यादव, रंजीत भारती, सहदेव साव, दिलीप पासवान, रामसुंदर दास, रियासत अंसारी सहित कई लोगों ने संम्बोधित किया. मौके पर जितेंद्र पासवान, भोला पासवान, मंसुर अंसारी, रविन्द्र यादव, मंटू मंडल, नलीन रंजन, अमर मंडल, किशोरी सिंह, सकलदेव पासवान, रविन्द्र मंडल सहित कई लोग मौजूद थे.

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हड़ताल के कारण बैंकों में एक सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित

Koderma: देशव्यापी हड़ताल का बैंक व बीमा कर्मचारियों  ने भी समर्थन किया और  मांगों को लेकर सड़कों पर उतकर अपनी आवाज बुलंद की. हड़ताल को लेकर सभी बैंकों में ताले लटके रहे. इससे करीब एक सौ करोड़ रुपया का कारोबार प्रभावित हुआ है.

बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया व ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के कर्मियों ने बैंकों के बाहर प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में नारे लगाए. उनकी मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र में निजी करण रोकने तथा सरकारी कर्मचारियों के समय पूर्व जबरन सेवानिवृत्ति संबंधी कठोर निर्णय वापस लेने, सभी को पेंशन तथा नई पेंशन योजना रद्द करने व पुरानी पेंशन योजना फिर से बहाल करने सहित अन्य मांगे शामिल है. प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने प्राइवेट बैंकों को भी बंद कराया.

मौके पर बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के शिव शंकर बरनवाल, विनीत कुमार, पम्मी कुमारी, ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के अभिषेक कुमार, किशोर रवानी, रवि कुमार, मनीष पूर्ति के अलावा नीलकमल, संतोष पासवान सहित अन्य बैंकों के बैंक कर्मी शामिल थे.

हजारीबाग में वामपंथी पार्टियों ने निकाला प्रतिवाद मार्च

Hazaribag: मजदूर कर्मचारियों और किसानों की एक दिवसीय हड़ताल के समर्थन में हजारीबाग की वामपंथी पार्टियों ने गुरुवार को प्रतिवाद रैली निकाली. भाकपा के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता के नेतृत्व में निकले मार्च के दौरान बैंक, बीमा, पोस्ट ऑफिस, रेल, सेल, कोल इंडिया, एयर इंडिया, भारत पैट्रोलियम, ओएनजीसी जैसी कंपनियों के निजीकरण की जोरदार मुखालफर की गयी.

मार्च में शामिल लोगों ने कृषि सुधार के नाम पर लाये गये कानूनों को काले कानून की संज्ञा दी. प्रतिवाद मार्च में सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू, सीपीआई के सहायक जिला मंत्री निजाम अंसारी, मिथिलेश डांगी, चांद खान, विपिन कुमार सिन्हा, विजय मिश्रा, इम्तियाज खान, ईश्वर प्रसाद मेहता, मुख्तार अंसारी, सतीश कुमार, फिरोज शेख, इरफान अंसारी, राजा मोहम्मद, मंजर अकील, प्रवीण कुमार मेहता, मुख्तार अंसारी, मोहम्मद शम्सुद्दीन के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.  विरोध मार्च सीपीआई ऑफिस से निकल कर इंद्रपुरी, पैगोडा चौक होते हुए झंडा चौक पहुंचा.

इधर, अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन, सीटू, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, बीबीसी श्रमिक यूनियन की ओर से एक मोटरसाइकिल जुलूस निकाला गया मोटरसाइकिल जुलूस सदर अस्पताल से आरंभ होकर के मेन रोड, झंडा चौक, बंशी लाल चौक, बस स्टैंड होते हुए हेड पोस्ट ऑफिस, बीमा रीजनल ऑफिस,  बैंक ऑफ इंडिया के मेन ब्रांच तक गया. रैली में शामिल लवोगों ने हड़ताल के समर्थन में  बैठे लोगों को संबोधित किया. उसके बाद रैली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, इंद्रपुरी चौक होते हुए हॉस्पिटल चौक पर आकर समाप्त हुई.

रैली में  गणेश कुमार सीटू, विपिन कुमार सिन्ह,  विजय मिश्रा, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की ओर से विजय कुमार सुदीप चैटर्जी बीमा कर्मचारी संघ के महेंद्र किशोर प्रसाद, जेसी मित्तल, सुमित कुमार,जेपी मुंडा आदि शामिल रहे.

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