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गिरिडीह के लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री के मालिक समेत तीन कंपनियों ने भू-स्वामित्व के दस्तावेज अंचल कार्यालय को सौंपे

Ranchi: गिरिडीह के लंगटा बाबा स्टील कंपनी समेत तीन कंपनियों ने मंगलवार को जमीन के कागजात अंचलाधिकारी के कार्यालय में जमा कर दिये हैं. वार्ड पार्षद की शिकायत पर गिरिडीह के लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री प्रबंधन समेत तीन औद्योगिक ईकाइयों को नोटिस जारी कर सीओ ने फैक्ट्री प्लॉट के दस्तावेज दिखाने को कहा था. करीब 20 दिन पहले सदर अंचलाधिकारी ने जिन औद्योगिक ईकाइयों को नोटिस जारी किया था, उनमें लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री के अलावे आरएन सिंह और महादेव साव शामिल हैं.

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दस्तावेज की होगी जांच

इससे पहले अंचल कार्यालय ने कागजात जमा करने की तारीख 31 जुलाई तय की थी. जबकि दूसरी तारीख चार अगस्त तय की गयी थी. मंगलवार को लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री प्रबंधन समेत तीनों फैक्ट्री मालिकों ने भू-स्वामित्व से जुड़े सारे दस्तावेज सीओ कार्यालय को उपलब्ध कराया. इसकी पुष्टि करते हुए सीओ रवीन्द्र सिन्हा ने कहा कि अब उपलब्ध कराये गये दस्तावेज की जांच की जायेगी. ताकि पता चल सके कि तीनों कंपनियों ने जो दस्तावेज दिये हैं, वे कितने सही हैं.

सीओ के अनुसार तीनों के द्वारा दिये गये दस्तावेज में केवाला, कंरट म्यूटेशन रसीद 2020-21 का अपटूडेट है. उन्होंने बताया कि भू-स्वामित्व के दस्तावेज के सौंपने से पहले तीनों ने अचंल कार्यालय से ही भारतीय वन संरक्षण अधिनियम के तहत कुछ सूचनाएं मांगी थीं. उनके अनुसार अंचल कार्यालय राज्य सरकार के राजस्व कोर्ट के रूप में काम करता है. लिहाजा, अंचल कार्यालय से दस्तावेज नहीं दिये जा सकते हैं.

हालांकि, सीओ ने यह भी कहा कि तीनों कंपनियों ने जो दस्तावेज सौंपे हैं, उसकी जांच कर आगे की कार्यवाही की जायेगी.

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अभी क्लीन चिट देने से इंकार

उन्होंने फिलहाल तीनों फैक्ट्री प्रबंधन को क्लीन चिट देने से साफ तौर पर इंकार करते हुए कहा कि पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकता है. क्योंकि वार्ड पार्षद पप्पू रजक ने लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री समेत तीनों पर जंगल किस्म का प्लॉट हड़प कर फैक्ट्री चलाने का आरोप लगाया था. पार्षद के लगाये आरोपों को सदर एसडीएम प्रेरणा दीक्षित के साथ किये गये शुरुआती जांच में सही पाया गया है. इसलिए यह देखना जरूरी होगा कि आखिर खाता नंबर-12 के प्लॉट नंबर-1023 जब जंगल किस्म का प्लॉट है, तो फिर किस परिस्थति में और किस साल वाणिज्य कार्य करने के लिए लंगटा बाबा स्टील फैक्ट्री समेत तीनों कंपनियों को प्लॉट दिये गये थे. यही नहीं अगर तीनों के पास वन विभाग की एनओसी भी है, तो वह किस स्तर पर तीनों को निर्गत किया गया है. यह भी जांचना जरूरी होगा.

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