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तबरेज मॉब लिंचिंग केसः पिटायी नहीं कार्डियेक अरेस्ट के कारण हुई थी मौत, फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

Jamshedpur: तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग केस में पुलिस की गहन जांच का नतीजा सामने आया है. पुलिस का कहना है कि तबरेज की मौत बेतहाशा पिटायी के कारण नहीं बल्कि कर्डियेक अरेस्ट के कारण हुई थी.

साथ ही पुलिस ने तबरेज अंसारी लिंचिंग केस में 11 आरोपियों से मर्डर की धारा हटा दी है. ‘फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट’ में जो बात सामने आयी है, उसके मुताबिक यह कोई सुनियोजित मर्डर नहीं था.

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क्या है फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में बातचीत में सरायकेला-खरसावां एसपी कार्तिक एस ने बताया कि, मामले को लेकर आइपीसी की धारा 304 के तहत चार्जशीट दाखिल की गयी थी. इसके पीछे दो वजह थी. पहला तो ये की तबरेज अंसारी की मौत घटनास्थल पर नहीं हुई थी. और ना ही ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था.

इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी. और अब जो फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, उसमें अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई और इसके साथ ही सिर पर लगी चोट उतनी गहरी नहीं थी. इसलिए मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट और सिर पर लगी चोट है.

पुलिस चार्जशीट में हत्या की वजह कार्डियक अरेस्ट बतायी गयी है. इसे लेकर तबरेज के परिवार और उनके वकील का कहना ये है कि जब तबरेज को भीड़ ने घंटों पीटा, तो अब पुलिस ये क्यों कह रही है कि हत्या का दोषी कोई नहीं है.

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17 जून 2019 को भीड़ ने पीटा था

गौरतलब है कि जमशेदपुर में 17 जून को तबरेज अंसारी पर भीड़ ने उस वक्त हमला किया, जब वह अपने चाची के यहां से लौट रहा था. चोरी का आरोप लगाते हुए भीड़ ने उसे एक खंभे से बांधकर कम से कम सात घंटे तक पीटा गया और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया.

इसके बाद गंभीर रूप से जख्मी अंसारी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे ‘फिट टू मूव’ बताते हुए जेल भेजने की मंजूरी दे दी. लेकिन अंसारी के सिर पर गंभीर चोटें आईं थीं. और चार दिन बाद जब उसकी हालत और खराब हो गई तो उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

24 वर्षीय तबरेज अंसारी ने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया था. और आठ साल पहले तबरेज पुणे चला गया था. लेकिन अप्रैल महीने में वह शादी के लिए घर लौटा था. 27 मई को तबरेज अंसारी का निकाह 19 साल की शाहिस्ता परवीन से हुई थी. कुछ ही दिनों बाद दोनों पुणे जाने वाले थे. लेकिन उन्मादी भीड़ के शिकार हुए तबरेज की मौत हो गयी.

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