
Ranchi : रांची की ट्रैफिक व्यवस्था की स्थिति क्या है, यह आज किसी से छिपी नहीं है. शायद ही ऐसी कोई मुख्य मार्ग हो, जहां अव्यवस्थित तरीके से जाम नहीं लगता है.
राजधानी रांची के जनप्रतिनिधि भी इससे चिंतित हैं, यह बताने के लिए वे कई बार ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण भी करते हैं. लेकिन हकीकत यही है कि उनका निरीक्षण केवल एक दिखावा मात्र का ही होता है.
स्थिति यह है कि ट्रैफिक की लचर व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है. बता दें कि शहर के मुख्य मार्गों का रांची की मेयर आशा लक़ड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय व सांसद संजय सेठ कई बार दौरा भी कर चुके हैं.
इस दौरान इन लोगों ने शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के मद्देनजर कई बार मौके पर ही अहम निर्णय लिये. साथ ही उनके क्रियान्वयन का आदेश भी जारी किया.
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इसी तरह सांसद भी शहर के बीचों बीच स्थित बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की बात करते हैं. निरीक्षण के दौरान वे ऐसे कई अऩ्य निर्देश भी देते हैं. लेकिन हकीकत यही है कि निरीक्षण के बाद दिये निर्देश को वे भूल जाते हैं.
रातू रोड, हरमू रोड को जाम मुक्त करने की पहल महज दिखावा

इस वर्ष फरवरी माह को मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त मनोज कुमार ने गुरुवार को राजधानी के विभिन्न चौक-चौराहों का जायजा लिया था. सबसे पहले जनप्रतिनिधि रातू चौक पहुंचे थे.
यहां की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को देख रातू रोड दुर्गा मंदिर के समीप एक गोलंबर बनाने का निर्देश निगम को दिया था.
इसके बाद उन्होंने 20 फीट में फैले किशोरी यादव चौक के गोलंबर को 6 फीट चौड़ा करने का निर्णय लिया. इसके बाद पूरी टीम ने हरमू चौक को छोटा कर इसका सौंदर्यीकरण कराने का भी निर्देश दिया था. लेकिन हकीकत यही है कि निर्देश देने के बाद आज तक इस पर अमल नहीं हुआ है.
न्यूक्लियस मॉल तिराहा छोटा करने की योजना भी अधर में

गत वर्ष नवंबर माह में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने भी तत्कालीन ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह के साथ सर्कुलर रोड का निरीक्षण किया था.
न्यूक्लियस मॉल के पास बने तिराहा को बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था का एक कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि वर्तमान में न्यूक्लियस मॉल तिराहे का आकार बड़ा है.
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इससे वाहनों को यहां मुड़ने में परेशानी होती है. इससे चौक पर अक्सर जाम भी लगता है. उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर इसे छोटा कर उस स्थान पर चार फीट का गोलंबर बना दिया जाये, तो वाहनों को मुड़ने में दिक्कत नहीं होगी. लेकिन उनका सुझाव आज तक महज बयानबाजी तक ही रह गया है.
ट्रक चालक करते हैं सड़कों का अतिक्रमण, सांसद देते हैं केवल निर्देश

शहर के बीचों-बीच स्थित बड़ा तालाब के पास की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए रांची से पहली बार सांसद बने संजय सेठ ने अबतक दो बार निरीक्षण किया है. पहली बार 6 जून को और दूसरी बार 28 अगस्त को.
दोनों ही बार सांसद ने यहां लगनेवाले ट्रकों को सड़कों का अतिक्रमण करने का एक मुख्य कारण माना था. दोनों ही निरीक्षण में उन्होंने निगम की इंर्फोसमेंट टीम को कहा था कि ऐसे ट्रक मालिकों पर केस किया जाये.
साथ ही तालाब के मुख्य द्वारा पर बैरियर लगाने की बात भी कही थी. जमीनी हकीकत यही है कि आज भी यहां धड़ल्ले से ट्रक खड़े हो रहे हैं. लेकिन सांसद को अपने निर्देश की थोड़ी भी चिंता नहीं दिखती है.



