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हाइकोर्ट ने आरबीआइ से पूछा- झारखंड में साइबर क्राइम रोकने के लिए क्या किया जा सकता है बतायें

Ranchi : झारखंड के देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज में साइबर क्राइम की घटना की रोकथाम को लेकर मनोज कुमार राय की जनहित याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में प्रतिवादी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) की ओर से अधिवक्ता पांडे नीरज राय उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आरबीआइ से पूछा कि वे बतायें कि झारखंड में साइबर क्राइम कैसे रोका जा सकता है. कोर्ट ने आरबीआइ को मामले में शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी शपथ पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय की मांग की गयी. मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

कोर्ट ने पूर्व में प्रार्थी की हस्तक्षेप याचिका (आइए) के आलोक में ईडी से भी पूछा था वह बताये कि देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज में साइबर क्राइम की घटनाओं में कितने साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई और कितने साइबर अपराधियों की प्रॉपर्टी सीज की गयी है. प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कोर्ट को बताया था कि झारखंड के देवघर, जामताड़ा और साहिबगंज में साइबर अपराधी सक्रिय हैं. इनके द्वारा बड़े पैमाने पर झारखंड से साइबर क्राइम की घटना को अंजाम दिया जाता है. साइबर अपराधी झारखंड सहित देश के अन्य राज्यों में साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते हैं. पुलिस का साइबर सेल है लेकिन यह खास एक्टिव नहीं है. ऐसे में साइबर अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है, इन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है.

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