
Ranchi: टेरर फंडिंग मामले में एनआइए द्वारा गिरफ्तार की गयी पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप की दोनों पत्नियों को सोमवार को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद अदालत ने 7 फरवरी तक के लिए जेल भेज दिया.
एनआइए ने बीते 31 जनवरी को पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप की दोनों पत्नियों हीरा देवी और शकुंतला को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था.
दोनों के खिलाफ लेवी-रंगदारी के रुपयों को शेल कंपनियों में निवेश करने के आरोपों की पुष्टि हुई है.
गिरफ्तारी के बाद एनआइए ने दोनों को तीन दिनों की रिमांड पर लिया था. रिमांड अवधि सोमवार को खत्म हो जाने के बाद एनआइए की विशेष अदालत में दोनों को पेश किया गया. अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में 7 फरवरी तक जेल भेज दिया.
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शेल कंपनियों में निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे
एनआइए की एक टीम ने को शकुंतला कुमारी व हीरा देवी के कोलकाता स्थित आवास की भी तलाशी ली थी जहां शेल कंपनियों में लेवी के रुपयों के निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे.
केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिये जाने के वक्त रांची के बेड़ो में 10 नवंबर 2016 को दिनेश गोप के 25 लाख 38 हजार रुपये जब्त किये गये थे.
एनआइए इस मामले की जांच कर रही है. जांच के दौरान एनआइए ने पाया कि उक्त राशि ठेकेदारों-व्यवसायियों से लेवी-रंगदारी के माध्यम से वसूली गयी थी.
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि दिनेश गोप अपने पारिवारिक सदस्यों के माध्यम से लेवी-रंगदारी के रुपयों को शेल कंपनियों में निवेश करता था.
इसी क्रम में एनआइए ने दिनेश गोप के सहयोगियों के पास से 42.79 लाख व करीब 70 लाख रुपये की अन्य चल-अचल संपत्ति जब्त की थी.
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2.5 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी भी मिल चुकी है
जांच में दो दर्जन से अधिक बैंकों में दिनेश गोप के पारिवारिक सदस्यों और दोनों पत्नियों के माध्यम से 2.5 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी भी मिल चुकी है.
एनआइए इस मामले में पूर्व में 10 गिरफ्तार व एक फरार आरोपित के विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है. मामले का अनुसंधान जारी है.
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