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शिक्षकों ने घेरा सीएम आवास, मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षा व्यवस्था ठप करने की दी धमकी

Ranchi : अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर चार सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदेश के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के शिक्षकों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव 19 नवंबर को किया. संघ ने एलान किया कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन किया जायेगा. बीमार रहने के कारण संघ के सदस्यों की मुख्‍यमंत्री से वार्ता नहीं हो सकी.

सरकार की वादाखिलाफी, हिटलरशाही और अफसरों के प्रतिदिन विभागीय शोषण के खिलाफ शिक्षकों ने जम कर हमला बोला. खुलेआम चुनौती दी कि सरकार हमारी जायज मांगों पर गंभीर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था ठप करा देंगे. दिसंबर से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने पर विवश होंगे.

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इससे पहले शिक्षकों ने मोरहाबादी मैदान से रैली निकाली. कचहरी, राजभवन होते हुए सीएम आवास की ओर बढ़े. उन्‍हें राजभवन के पास रोक दिया गया. वहां शिक्षकों ने सभा की.

घेराव सह प्रर्दशन की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष बिजेन्द्र चौबे ने कहा कि सरकार शिक्षकों के साथ भेदभाव नहीं करे. उनकी जायज मांगों के प्रति गैर जिम्मेदार रवैया अपना रही है. गुणवत्तायुक्‍त शिक्षा के विकास के बजाय गैर शैक्षणिक कार्यों के बोझ से शिक्षक दबे हैं. कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं. नये-नये एनजीओ के प्रवेश से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

प्रदेश महासचिव राममूर्ति‍ ठाकुर ने कहा कि सेवा शर्तों में सरकार द्वारा भेदभाव करने की प्रवृत्ति से शिक्षकों में निराशा का भाव है. शिक्षकों से सभी विभागों का काम लिया जाता है, लेकिन जब एमएसीपी देने की बारी आती है तो शिक्षकों को अलग रखा जाता है. जब छठे वेतनमान की वेतन विसंगति दूर करनी हो, तब शिक्षकों को छोड़ कर अन्य को इसका लाभ दे दिया जाता है. सभी राज्यकर्मियों का पदस्थापन सुविधा देख कर होता है, लेकिन शिक्षकों को गृह जिला में भेजने में रोक टोक हो जाता है. शिक्षकों से इतने अधिक लिपिकीय कार्य लिये जाते हैं कि मूल कार्य बाधित हो रहा है. शिक्षक इन सबसे त्रस्‍त होकर सड़क पर उतरे हैं.

प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से अलग किये बिना क्वालिटी एजुकेशन की बात बेईमानी है. हम अपनी क्षमता का 100 प्रतिशत बच्चों को देना चाहते हैं, लेकिन एमडीएम का हिसाब, बीएलओ कार्य, विभागीय पत्रों का जवाब समेत अन्य गैर शैक्षणिक कार्य में अधिकांश समय लग जाता है. इसलिए गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्ति और स्कूल में छात्रों को पठन-पाठन के लिए शिक्षकों को संर्घष करना पड़ रहा है. पूरे प्रदेश में शिक्षकों की बीच सरकार विरोधी लहर है. शिक्षक अपने सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट है. संघ का मानना है कि सरकार जब तक शिक्षकों को भय मुक्त एवं दोहन मुक्त वातावरण नहीं देती गुणात्मक शिक्षा की बात करना बेईमानी है.

संघ के पूर्व अध्यक्ष सह सलाहकार परिषद के सदस्य उत्तील यादव ने कहा कि शिक्षकों को बड़ी उपाधियों से नवाजा जाता है. हालांकि शिक्षक विरोधी हेमंत सरकार उनकी मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने में विफल रही है. सरकार का यह तानाशाही रवैया नहीं चलेगा. समय आने पर संघ द्वारा इसका माकूल जबाव दिया जायेगा.

कार्यक्रम के दौरान ही स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्ना गुप्ता घेराव स्थल में आये. प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद, सुनील ठाकुर, सुधीर दुबे को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए गये. हालांकि मुख्यमंत्री के अस्वस्थ होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी. मंत्री की पहल पर एक सप्ताह में वार्ता होगी. संघ ने स्‍पष्‍ट किया कि वार्ता और मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर पूरे प्रदेश के शिक्षक बैठेंगे.

मंच संचालन मुकेश कुमार ने किया. घेराव में धीरज कुमार, सुनील कुमार, सुनील भगत, अस्दुल्लाह, अनुप केशरी, संतोष कुमार, सजेश लाल, राकेश कुमार, अजय ज्ञानी, बाल्‍म‍िकी कुमार, हरे कृष्ण चौधारी, रमेश प्रसाद, दीपक दत्ता, अनील कुमार, उपेन्द्र कुमार, अनिल सिंह, अनिल प्रसाद, संजय कुमार, अनिल खलखो, अजय सिंह, प्रभात कुमार, अवधेश साहू, गणेश कुमार, अजय साहु, सलीम सहाय, कृष्णा शर्मा, रामचन्द्र खेरवार, सुरंजन कुमार, मणि उरांव, संभु शरण शर्मा, प्रेम कुमार, संजय कुमार, संजय कंडुलना, आभा लकड़ा, सुधीर दुबे, अमरेश सिंह, अजय कुमार, अमुल दुबे, सुनील दुबे, दिलीप श्रीवास्तव, राजेश सिन्हा, राजु साहु, संजय कुमार, नन्दकिशोर सिंह, बिनोद राम, छोटेलाल मुर्मू, रवि कुमार, शिवशंकर रजक, प्रवीण कुमार, संजय सिंह, रमेश प्रसाद, सच्चिदानन्द सिंह, विभूति प्रसाद, अशोक कुमार, शिव शंकर पोलाय, सरोज लेइंका, उपेन्द्र कुमार, महेश कुमार, मानिकचद्र प्रसाद, श्रीसिंह बास्के, महेश घोष, हरिशंकर राम, आनन्द रजक, राधाकान्त शाह, सगनेन टुडू, मनोरंजन कुमार, मनोज झा, विमल दुबे, पवन ठाकुर, डोरिस ज्योति सहित हजारों शिक्षक उपस्थित थे.

मुख्य मांगें

  • अन्य राज्य कर्मियों के तर्ज पर शिक्षकों को भी MACP दिया जाये.
  • छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करते हुए इन्ट्री पे स्केल दिया जाये.
  • अंतरजिला स्थानांतरण नियमावली को सरल व सुगम बनाया जाये.
  • लिपिकीय व गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णरूपेण मुक्ति मिले.

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