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ग्रामीण विकास मंत्री ने मनरेगा के कार्यों पर उठाये सवाल, कहा- 14 साल से बन रहे कुएं कहां चले गये

‘ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास’ अभियान शुरू, 15 दिसंबर तक चलेगा

Ranchi: ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने बुधवार को “ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास” अभियान की शुरुआत की. इस अभियान में राज्य के 150 प्रखंडों में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के लिए अभियान चलाया जायेगा. 22 सितंबर से 15 दिसंबर तक अभियान में महिलाओं, एसटी, एससी को 10 फीसदी अधिक रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है. पंचायत में कम से कम 5000 मानव दिवसों का सृजन किया जाएगा.

अभियान की लॉन्चिंग करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मनरेगा से गरीब, मजदूर, युवा, महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. ग्रामीण विकास मंत्री ने इस अवसर पर मनरेगा से विगत 14 सालों में किये गये कार्यों पर सवाल भी उठाया.

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उन्होंने कहा कि शिकायतें मिलती हैं कि कहीं कुआं नहीं तो कहीं डोभा नहीं. सरकार ने करोड़ों रुपये दिये हैं, ऐसे में अब तक तो हर गांव-पंचायत में पांच से छह कुआं होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं है. आखिर 14 साल से बन रहे ये कुएं कहां गये.

मंत्री ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि कहीं मिलीभगत से योजनाएं संचालित हो रही हैं तो उस पर सख्त कार्रवाई करें. लगातार स्थल पर जाकर योजनाओं की निगरानी करें. अगर कहीं कोई गड़बड़ी होती है तो सीधी कार्रवाई करें. अगर आप लोग नहीं कर सकते तो सरकार को कहें.

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अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा करेः डॉ. मनीष रंजन

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ. मनीष रंजन ने “ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास” अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्रामीण विकास मंत्री के सकारात्मक सोच और मनरेगा आयुक्त के विजन से अभियान का शुभारंभ किया जा सका है.

पोस्ट कोविड-19 में अब योजनाओं को और प्रभावशाली तरीके से धरातल पर कैसे उतारा जाए, इसके लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है.

मनरेगा के कार्यों में और 10% की वृद्धि 15 दिसंबर 2021 तक करने का लक्ष्य रखा गया है. अधूरी योजनाओं को पूरा करना है.

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योजनाओं को गति देना अभियान का मुख्य उद्देश्यः राजेश्वरी बी

इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने “ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास” अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य के 150 चिन्हित प्रखंडों में अभियान चलाया जा रहा है. मनरेगा कार्यों की महत्ता को देखते हुए चिह्नित प्रखंडों में कार्य करने की संभावनाओं को मूर्त रूप देना ही इस अभियान का लक्ष्य है.

मौके पर अपर सचिव राम कुमार सिन्हा ने कोविड-19 के समय मनरेगा योजनाओं के संचालन में अच्छे कार्य करने वाले उप विकास आयुक्त एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया.

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे उप विकास आयुक्त, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, मनरेगा के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ पदाधिकारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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