
Ranchi : डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ के पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा किये जाने के बाद भी अधिसूचना जारी नहीं करने के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है. याचिका में कहा गया है कि जब विभागीय प्रोन्नति कमेटी ने वादियों को प्रोन्नति देने की अनुशंसा कर दी है, तो अधिसूचना जारी करने में देर नहीं होनी चाहिए.
24 दिसंबर 2020 को डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर प्रोन्नति के लिए डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति कमेटी) की बैठक हुई.
इसमें सभी आहर्ता पूरी करनेवालों को प्रोन्नति दिये जाने की अनुशंसा कर दी गयी. लेकिन इसी दिन कार्मिक विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि राज्य में होनेवाली सभी प्रोन्नति पर अगले आदेश तक रोक रहेगी.
इसे भी पढ़ेंःIPL 2021 में फिर कोरोना की एंट्री, दिल्ली के खिलाफ मैच के पहले सनराइजर्स हैदराबाद का ये खिलाड़ी निकला कोरोना संक्रमित
इसके बाद उनकी प्रोन्नति के लिए अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गयी. राज्य सरकार ने रोक लगाने के अपने आदेश में कहा है कि सरकार ने समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है कि पूरे राज्य में प्रोन्नति पर रोक लगायी जाये.
बता दें, वादी राजकिशोर प्रसाद सहित कुल 19 लोगों की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की है.
इसे भी पढ़ेंःभारत से ब्रिटेन की यात्रा करने वाले लोगों को राहत, ब्रिटेन ने दी ‘कोविशील्ड’ को मान्यता
याचिका मे उक्त बातों का जिक्र करते हुए मांग की गयी है कि अदालत राज्य सरकार की समीक्षा बैठक और निर्णय से संबंधित फाइलों को अदालत में मंगाये और देखे कि राज्य सरकार की ओर से लिया गया निर्णय न्यायसंगत है या नहीं.
अगर सरकार का निर्णय सही नहीं है, तो उसे तत्काल खारिज किया जाये और प्रोन्नति की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया जाये.
इसे भी पढ़ेंःरघुवर ने राज्यपाल से की लातेहार डीसी को निलंबित करने की मांग, कहा- विधायक बंधु तिर्की की भूमिका भी संदिग्ध




