
Chandi Dutta Jha
Ranchi: झारखंड के नक्सल प्रभावित खूंटी जिला बल में तैनात सब इंस्पेक्टर को 25 लाख के इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से सांठगांठ और पुलिस गतिविधि की सूचना देने के आरोप बर्खास्त कर दिया गया है. पुलिस विभाग ने रेंज के डीआईजी के आदेश पर यह कार्रवाई की है. खूंटी एसपी की अनुशंसा पर बर्खास्तगी की कार्रवाई पुलिस नियमावली के तहत की गई है. आरोपी सब-इंस्पेक्टर मनोज कच्छप खूंटी जिला बल में तैनात था. मनोज कच्छप का पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से सांठ गांठ रखने पुलिस की गतिविधि की सूचना देने का साक्ष्य मिला है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार ऐसी परिस्थिति में आरोपी मनोज कच्छप के विभाग में बने रहने से सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस के लिये घातक है, एवं इससे अभियान में जाने वाले पुलिसकर्मियों के जान माल का भारी क्षति होने से इंकार नही किया जा सकता है. आरोपी द्वारा इस प्रकार का किया गया कार्य इनकी कर्तव्यहीनता, निष्ठाहीनता, आचरणहीनता पुलिस विभाग के साथ धोखेबाजी एवं एक अयोग्य पुलिस पदाधिकारी का द्योतक है. आरोपी एक अनुशासनिक विभाग के पदाधिकारी रहने के बाबजूद विभाग के स्थापित मर्यादा के प्रतिकूल आचरण किया गया है. जिससे विभाग शर्मसार हुआ है. आरोपी के इस कुकृत्य से विभाग की छवि धुमिल हुई है. बल्कि पीएलएफआई के विरुद्ध अभियान में जाने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरा है. साथ ही आम जनमानस में पुलिस के प्रति अविश्वास की भावना उत्पन्न हुई है. यह आचरण आरोपी के कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता, स्वेच्छाचारिता, आचरणहीनता पुलिस विभाग के साथ धोखाबजी एवं एक अक्षम पुलिस पदाधिकारी होने का परिचय देता है. एक अयोग्य पुलिस पदाधिकारी का विभाग में बने रहना सर्वथा अनुचित है. विभागीय कार्यवाही में लगाये गये आरोप के लिये आरोपी सब इंस्पेक्टर मनोज कच्छप को दोषी पाकर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाता है.
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