
Giridih: संत कबीर का अविर्भाव महोत्सव रविवार को गिरिडीह के सिहोडीह-सिरसिया स्थित कबीर ज्ञान मंदिर में धूमधाम से मनाया गया. इस दौरान कबीर ज्ञान मंदिर में ही कबीर वाणी के बीच हवन पूजन का आयोजन किया गया. जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और मां ज्ञान के सानिध्य में हवन में पूर्णाहुति प्रदान किया. शाम को ही आश्रम परिसर में कबीर गोष्ठी और भजन संध्या का आयोजन हुआ. गोष्ठी में भी हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ शामिल हुई.
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भजनों की रसवर्षा के बीच सद्गुरु मां ज्ञान ने कबीर को जाति और मजहब से उपर का संत बताते हुए कहा कि संत कबीर मानव मात्र के संत थे। सभी संतो में वो श्रेष्ठ थे, क्योंकि उनमें सारे गुण विद्यमान थे। मां ज्ञान ने कहा कि संत कबीर ने हिंदु जनमानष को वर्ण व्यवस्था पर जोर से झकझोरा था। और कहा था कि एक प्यासे को जो पानी दिला दे, वही सर्वश्रेष्ठ है। देर शाम ही आयोजन स्थल में कई और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया.




