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सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड के दोषियों की सजा आज होगी तय, विकास तिवारी समेत पांच पाये गये हैं दोषी

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Hazaribag: गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों की हत्या मामले के दोषियों की सजा का ऐलान मंगलवार को किया जायेगा.

गौरतलब है कि बीते 11 सितंबर को हजारीबाग एडीजे-6 कोर्ट ने विकास तिवारी समेत पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. कोर्ट ने हत्या का दोषी पाते हुए विकास तिवारी, दिलीप साहू, विशाल कुमार सिंह, राहुल देव पांडे और संतोष देव पांडे को दोषी पाया है.

इनमें विकास तिवारी फिलहाल पलामू कारा में बंद है. जबकि संतोष और राहुल देव पांडे हजारीबाग जेल में बंद हैं. दिलीप साहू और विशाल कुमार सिंह जमानत पर थे जिन्हें कोर्ट के आदेश के बाद रिमांड पर ले लिया गया है.

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हजारीबाग कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े गोली मारकर कर की गयी थी सुशील समेत तीन की हत्या

2 जून 2015 को हज़ारीबाग़ कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े कोर्ट में पेशी के लिए आये सुशील श्रीवास्तव, सहयोगी कमाल खान व ग्यास खान की हत्या भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एके-47 से कर दी गयी थी. घटना को प्रतिद्वंदी गैंगस्टर पांडेय गिरोह द्वारा अंजाम दिया गया था.

घटना का मुख्य अभियुक्त विकास तिवारी, संतोष पांडेय, शम्भू नाथ तिवारी, राहुल देव पांडेय, दिलीप साव, विकास साव, विशाल सिंह, प्रदीप पासवान व यूपी के मुख्य शूटर राज सिंह सहित अन्य को बनाया गया था.

स्पीड ट्रायल में मामले की सुनवाई एडीजे अमित शेखर की अदालत में चली. 42 गवाहों के बयान दर्ज होने और लंबी बहस के बाद 11 सितंबर को एडीजे-6 की अदालत ने विकास तिवारी, संतोष पांडेय, राहुल देव पांडेय, दिलीप साव और विशाल सिंह को दोषी करार देते हुए शम्भूनाथ तिवारी को रिहा कर दिया था और 22 सितम्बर को सजा तय करने की तारीख तय की गयी थी.

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विकास तिवारी ने ली थी घटना की जिम्मेवारी

सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड के दोषियों की सजा आज होगी तय, विकास तिवारी समेत पांच पाये गये हैं दोषीकोयलांचल में पांडेय गिरोह और श्रीवास्तव गिरोह में वर्चस्व को लेकर खूनी टकराव होते रहे हैं. इस टकराव में दोनों तरफ से दर्जनों हत्याएं की गयी हैं जो अब भी जारी हैं. 13 दिसम्बर 2014 को पांडेय गिरोह के सरगना किशोर पांडेय की हत्या जमशेदपुर में कर दी गयी थी. किशोर पांडेय के अंतिम संस्कार में एके-47 से हवाई फायरिंग कर विकास तिवारी ने छह महीने में बदला लेने की कसम खायी थी.

छह महीने पूरे होने के ठीक पहले 2 जून को हज़ारीबाग़ कोर्ट परिसर में सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों की हत्या के बाद कोर्ट परिसर में ही “किशोर पांडेय की हत्या का बदला” लिखित प्रिंटेड पोस्टर छोड़कर विकास तिवारी द्वारा घटना की जिम्मेवारी ली गयी थी.

दो महीने बाद अगस्त में विकास तिवारी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था  तब से वह जेल में ही है. वर्तमान में वह पलामू जेल में बंद है.

हत्या के बाद 19 पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित

2 जून 2015 को कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच सुशील श्रीवास्तव की हत्या में एके-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया था. ऐसा पहली बार था, जब झारखंड में अपराधियों ने एके-47 जैसे हथियार का इस्तेमाल किया.

इस क्रम में दो अन्य मो कलाम और ग्यास खान की भी मौत हो गयी थी. घटना के बाद सुशील श्रीवास्तव की सुरक्षा में लगे 19 पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया था.

इस हत्याकांड के बाद सदर थाने में कांड संख्या 610/15 दर्ज किया गया था जिसके बाद पुलिस ने एक अगस्त 2015 को दिल्ली से विकास तिवारी को गिरफ्तार किया. अभी वह पलामू स्थित मेदिनीनगर जेल में बंद है.

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झारखंड में पहली बार हुआ था एके-47 का इस्तेमाल

हजारीबाग कोर्ट परिसर में हुई गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों की हत्या में एके-47 का इस्तेमाल किया गया था बता दें कि झारखंड में पहली बार किसी आपराधिक गिरोह के द्वारा हत्या करने में एके-47 का इस्तेमाल किया गया था.

सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता विकास तिवारी ने गोरखपुर (यूपी) के दो शूटर प्रदीप पासवान और राज सिंह को सुपारी थी दी. घटना में प्रयुक्त एके-47 को तिवारी ने गोरखपुर के कुख्यात प्रदीप पासवान को उपलब्ध कराया था. वहीं गोरखपुर के ही शूटर राज सिंह को 30 लाख रुपये दिये थे. दिल्ली में गिरफ्तार विकास तिवारी ने यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में किया था.

विकास तिवारी ने बताया था कि तय समय पर पासवान के साथ शूटर राज सिंह हजारीबाग पहुंच विकास के गुर्गों के साथ घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था. बाद में वह भी फरार होकर कोलकाता, असम, बिहार, यूपी के रास्ते दिल्ली चला गया था.

वर्चस्व की लड़ाई में अब तक हो चुकी हैं कई हत्याएं

  • 2009 में भोला पांडेय की हत्या दुमका जेल से रांची लाने के दौरान शूटर अमरेंद्र तिवारी ने कर दी थी.
  • 2010 में सुशील श्रीवास्तव की पत्नी मीनू श्रीवास्तव पर किशोर पांडे ने हमला करवाया था. लेकिन उसमें मीनू श्रीवास्तव बाल-बाल बच गयी थीं.
  • 15 अक्टूबर 2014 को जमशेदपुर के कदमा में किशोर पांडे की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. उसके साथ किशोर पांडे के अंगरक्षक बबलू पांडे की भी मौत हो गयी थी.
  • 2 जून 2015 को हजारीबाग कोर्ट में सुशील श्रीवास्तव सहित गयाज और कलाम की गोली मारकर हत्या.
  • 26 अक्टूबर 2015 को किशोर पांडे के पिता कामेश्वर पांडे की गोली मारकर हत्या. गोली मार कर भाग रहे एक अपराधी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था.
  • 18 दिसंबर 2018 को संजीव सिंह बघेला की हत्या. इसको भी गैंगवार से ही जोड़ कर देखा जा रहा था. इसके अलावा अब तक कई छोटे अपराधियों की हत्या इस गैंगवार के चलते हो गयी.

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