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हाइकोर्ट ने रद्द की नियोजन नीति, 14,338 लोगों की सरकारी नौकरी पर लटकी तलवार

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Ranchi. सोमवार को झारखंड हाइकोर्ट ने 2016 में रघुवर सरकार की बनायी गयी नियोजन नीति को रद्द कर दिया है. जस्टिस एससी मिश्रा, एस चंद्रशेखर और दीपक रोशन के तीन जजों की बेंच ने यह फैसला सुनाया है. बेंच ने नियोजन नीति को रद्द करते हुए इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को भी रद्द करने का फैसला सुनाया है. फैसला आने के बाद अब ऐसे लोगों की सांसें अटकी हुई है, जिन्हें इस नियोजन नीति के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी.

न्यूज विंग की पड़ताल में यह सामने आया है कि इस नियोजन नीति के आधार पर 14,338 लोगों को अलग-अलग विभागों में नौकरी मिली थी. फैसला आने के बाद ये लोग अब संशय में हैं कि उनके भविष्य का क्या होगा. उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना ना पड़े.

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इन पदों में हुईं नियुक्तियां

रेडियो ऑपरेटर: झारखंड पुलिस में रेडियो ऑपरेटर के 692 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. इसमें महिला के लिए 229 और पुरुष के लिए 463 पद थे. अंतिम परिणाम के बाद 646 उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई. इसमें कैटेगरी के अनुसार सामान्य श्रेणी से 217 पुरुष और 115 महिला, एसटी से 113 पुरुष और 59 महिला, एससी कैटेगरी से 35 पुरुष और 23 महिला, बीसी-1 कैटेगरी से 33 पुरुष और 18 महिला, बीसी-2 कैटेगरी में 23 पुरुष और एक महिला की नियुक्ति हुई है.

वनारक्षी: जेएसएससी की ओर से वनारक्षी के 2204 पदों में नियुक्ति के लिए 2017 में विज्ञापन जारी किया गया था. अंतिम चरण की नियुक्ति प्रक्रिया के बाद 2188 लोगों के नियुक्ति की अनुशंसा की गयी. अंतिम रूप से नियुक्ति 2184 लोगों की हुईं.

पुलिस अवर निरीक्षक: झारखंड पुलिस में 3019 दारोगा की नियुक्ति के लिए 2016 में विज्ञापन जारी किया गया. लिखित परीक्षा सहित अन्य नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम रूप से 2504 सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति हुईं. इसमें 2296 पुरुष और 210 महिला उम्मीदवार की नियुक्तियां हुईं. 3019 पद में से 2483 जिला पुलिस, 488 स्पेशल ब्रांच और 48 सार्जेंट की नियुक्ति हुई.

हाई स्कूल शिक्षक: राज्य के हाइ स्कूलों में 17,572 शिक्षक नियुक्ति के लिए जेएसएससी ने 2016 में विज्ञापन जारी किया था. इस नियुक्ति के लिए एक लाख 10 हजार आवेदन आये थे. इनमें से जेएसएससी ने 9000 से अधिक सफल उम्मीदवारों के नियुक्ति की अनुशंसा शिक्षा विभाग को की गई है.

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क्या थी नियोजन नीति

राज्य सरकार की अधिसूचना संख्या 5393 दिनांक 14 जुलाई, 2016 में कहा गया है कि झारखंड के 13 अनुसूचित जिलों में होनेवाली थर्ड और फोर्थ ग्रेड नियुक्तियों के संबंध में उक्त जिलों के पिछड़ेपन को देखते हुए 10 वर्षों तक स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रहेंगी. 11 गैर अनुसूचित जिलों को अनुसूचित जिलों के लोगों सहित देश के योग्य अभ्यर्थियों के लिए खुला रखा गया. अनुसूचित जिलों में रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लातेहार, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और साहेबगंज को शामिल किया गया तो वहीं गैर अनुसूचित जिलों में पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, गोड्डा और देवघर को रखा गया था.

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