न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सृजन हेल्‍प संस्‍था ने बच्‍चों संग बांटी दिवाली की खुशियां

24

Ranchi: जेसीआई की ओर से सृजन हेल्प संस्था के बच्चों संग सोमवार को दिवाली मनायी गयी. इस दौरान बच्चों के बीच दीये, मि‍ठाई समेत अन्य व्यंजनों का वितरण किया गया. अध्यक्ष दीप्ति बजाज ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली सिर्फ मि‍ठाई और दीये जलाने का त्यौहार नहीं है. यह त्यौहार लोगों के बीच खुशियां बांटने का है. उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है. अन्य लोगों को भी चाहिये जरूरतमंदों के साथ ऐसे त्यौहारों का आनंद लें. दीप्ति ने कहा कि जेसीआई हमेशा समाज सेवा के कार्य में तत्पर रहना चाहता है. समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्‍य से जेसीआई ऐसे कार्य हमेशा करते रहेगा.

इसे भी पढ़ें:पलामू : पांच दिनों तक चलने वाला दीवाली महोत्सव शुरू, धनतेरस पर गुलजार हुआ बाजार

पटाखों से दूर हो बच्चें

दीप्ति ने इस दौरान कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण की समस्या से देश-दुनिया परेशान है. दिवाली के नाम पर न जाने लोग कितने पटाखों को जला देते है, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है. ऐसे में जरूरी है कि बच्चे पटाखों से दूर रहें. अभिभावकों को भी चाहिए कि बच्चों को घर पर समझायें कि पटाखों के बजाय जरूरती चीजों पर पैसे खर्च करें.

इसे भी पढ़ें:छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा सबजेक्टिव होगी, जनवरी 2019 में होगा मेंस

दूसरों की खुशी बांटने का अवसर

उन्होंने कहा कि दिवाली पर्व का काफी महत्व है. क्योंकि ये त्यौहार अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का संदेश देता है. लोगों को समझना होगा कि त्यौहार सिर्फ अपने घर परिवार तक ही नहीं बल्कि आस-पास के जरूरतमंद बच्चों के साथ भी मनाये.

इसे भी पढ़ें: धनतेरस पर बाबूलाल मरांडी ने रघुवर सरकार पर फोड़ा 5000 करोड़ का बम

दुर्घटनाओं से बचें

महिलाओं ने बच्चों के बीच दीया, मोमबत्ती आदि का वितरण किया. साथ ही बच्चों को समझाते हुए कहा कि दीया और मोमबत्ती जलाने का यह अर्थ नहीं कि दुर्घटना को बुलावा दें. सावधानी बरतते हुए दीये जलाना चाहिये. महिलाओं ने कहा कि बच्चों को चाहिये की दिवाली के समय हलके कपड़े पहनें. मौके पर ऋतु गाड़ोदिया, नीतू गुप्ता, रजनी सर्राफ रजनी काबरा उपस्थित थीं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: