
Giridih : दहेज हत्या के आरोपी पति को गिरिडीह के अपर जिला व सत्र न्यायधीश टू आनंद प्रकाश की अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता उपेन्द्र शर्मा ने आरोपी पति पिंटू यादव को कोर्ट से कम सजा देने की अपील की लेकिन जज ने पति पिंटू यादव की कम सजा की अपील मानने से इंकार करते हुए 10 साल की सजा को बरकरार रखा.
जिले के देवरी थाना क्षेत्र में साल 2020 में यह घटना घटी थी. देवरी के किस्गो गांव निवासी भोला यादव की बहन गुड़िया देवी की शादी साल 2014 में देवरी के ही कानीकेन्द गांव निवासी पिंटू यादव के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही गुड़िया देवी को उसके पति पिंटू यादव के साथ भैंसूर रामदेव यादव, गोतनी हेमंती देवी और सास-ससुर मायके से 2 लाख नगद के साथ एक बाईक लाने की मांग करते रहे थे. नहीं देने पर उसके साथ मारपीट तक की जाती थी.
इसी बीच शादी के छह साल बाद साल 2020 के फरवरी माह में मृतका के भाई भोला यादव को उसके एक रिश्तेदार ने घर पहुंच कर बताया कि उसकी बहन की हत्या कर दी गयी है. इसके बाद भाई समेत पूरा परिवार कानीकेन्द गांव पहुंचा, तो देखा कि गुड़िया देवी का शव जमीन पर पड़ा हुआ है. इस दौरान भाई ने अपने बहनोई समेत सास-ससुर और भैंसूर के साथ बहन की गोतनी पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पति पिंटू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि अन्य आरोपी फरार हो चुके थे. वहीं अनुसंधान में देवरी पुलिस ने सास-ससुर, भैंसूर और गोतनी को बेकसूर पाते चार्जशीट से इन आरोपियों के नाम हटा दिये थे. लिहाजा, इसी चार्जशीट के आधार पर कुछ दिन पहले अपर जिला एंव सत्र न्यायधीश टू आनंद प्रकाश के कोर्ट ने कसूरवार मानते हुए पति पिंटू यादव सोमवार को सजा सुनायी.
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