Court NewsJharkhandJharkhand PoliticsLead NewsNEWSRanchiTOP SLIDERTop Story

Shibu Soren: दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल में चल रही सुनवाई पर लगाई रोक,तीन महीने बाद अब अगली सुनवाई

New Delhi: झामुमो सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद  शिबू सोरेन के खिलाफ लोकपाल में चल रही सुनवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लोकपाल में आज हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया. इसके साथ ही आय से अधिक संपत्ति मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई. आपको बता दें कि लोकपाल में 5 अगस्त 2020 को झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन और उनके परिवार पर कथित तौर पर गैर-कानूनी साधनों के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर लोकपाल ने कार्यवाही शुरू की थी. लोकपाल की कार्यवाही के खिलाफ शिबू सोरेन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने लोकपाल की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है.मामले में आगे की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी.
इसे भी पढ़े: दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप, कहा- जनता सिखाएगी सबक

सोरेन परिवार पर निशिकांत दूबे के कई आरोप
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी शिकायत में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन,उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,छोटे बेटे और दुमका विधायक बसंत सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर गंभीर आरोप लगाया है और लोकपाल से मामले की जांच करने की मांग की. भाजपा सांसद की शिकायत में कहा गया कि कोयला मंत्री के पद पर रहते हुए शिबू सोरेन और उनके परिवार के लोगों ने अकूत संपत्ति अर्जित की. यह संपत्ति झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों में है. लगभग तीन दर्जन अचल संपत्ति की सूची लोकपाल को सौंपी गई है. भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि शिबू सोरेन के परिवार ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए गलत तरीके से कई व्यवसायिक और आवासीय संपत्तियां अर्जित की हैं. शिबू सोरेन पर सरकारी खजाने का नुकसान करने का आरोप है.

निशिकांत ने ट्विट कर फिर साधा निशाना
लोकपाल मामले को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने सोमवार को ट्विट कर कहा कि  मैंने तो लोकपाल को सोरेन परिवार की 57 सम्पत्ति की लिस्ट दी थी,सीबीआई ने तो ज़्यादा खोज लिया अब यह 82 है. मुख्यमंत्री हेमंत जी के पास तो जवाब देने का भी फ़ुरसत नहीं है,ना इलेक्शन कमीशन,ना आयकर विभाग को और⁩ ना ही प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी को, न खाता ना बही जो सोरेन परिवार कहे वही सही.

Related Articles

Back to top button