
Jamshedpur : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में नदी घाटों से बालू उठाव का अवैध कारोबार नहीं रुक रहा है. इस बीच अवैध उत्खनन रोकने के लिये गठित टीम ने एक बार फिर बालू लदा हुआ सात हाइवा जब्त किया है. इससे अवैध बालू उठाव के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.
दरअसल स्पेशल टास्क फोर्स ने बालू के अवैध उठाव को लेकर शुक्रवार की रात के अंधेरे में एक अभियान चलाया था. यह मुख्य रुप से टाटा-रांची हाइवे से सटे झाबरी में की गयी. उसके बाद चले अभियान के चांडिल और चौका क्षेत्र से एक के बाद एक सात हाइवा जब्त किया गया. आगे मामले की जांच की जा रही है.
ईचागढ़ में पकड़ा गया था बालू लदा 17 वाहन
बता दें कि करीब दो सप्ताह पहले ही चांडिल से सटे ईचागढ़ थाना क्षेत्र में बालू लदे 14 हाइवा के तीन ट्रैक्टर भी पकड़ा गया था. उस मामले में जिले के उपायुक्त के निर्देश पर ईचागढ़ के अंचल अधिकारी ने थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस उस मामले की जांच में लगी है तब तक चांडिल थाना क्षेत्र में अवैध बालू उठाव का एक और बड़ा मामला सामने आ गया है, जबकि ईचागढ़ में बालू लदे वाहनों की जब्ती के बाद ही प्रशासन की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के तहत अवैध उत्खनन के मामले में सख्ती से कार्रवाई की बात कही गयी थी.
पश्चिम बंगाल तक जाता है बालू
जानकारों की मानें तो चांडिल और ईचागढ़ थाना क्षेत्र के नदी घाटों से प्रतिदिन सैकड़ों हाइवा और ट्रैक्टर से बालू का अवैध उठाव होता है. ईचागढ़ से सटा तिरुलडीह थाना क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है. एक ओर क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी के जारगोडीह, बिरडीह, सोड़ो एवं तिरुलडीह थाना क्षेत्र के तिरुलडीह, पांयलंग, सापादा घाट से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर से अवैध बालू का उठाव होता है. वहीं रात के अंधेरे में हाइवा पर बालू लोड कर पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है. इससे सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. इस बीच जिला प्रशासन ने टास्क फोर्स गठित कर अवैध उत्खनन रोकने की दिशा में कार्रवाई तो शुरु की है, फिर भी जिस बड़े पैमाने पर पूरे क्षेत्र में बालू का अवैध ढ़ग से उठाव किया जाता है उस पर अंकुश लगाना फिलहाल मुश्किल साबित होता दिख रहा है.
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