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SCO समिटः आमने-सामने हुये पीएम मोदी-इमरान लेकिन नहीं हुआ दुआ-सलाम

Bishkek: बिश्केक में हो रहे एससीओ समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी वहां मौजूद हैं. शंघाई सहयोग संगठन में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान भी शामिल हुए हैं. इस दौरान दोनों आमने-सामने आए लेकिन उनके बीच ना कोई बात हुई और ना कोई मुलाकात.

ना हाथ मिलाया-ना बात हुई

शंघाई सहयोग संगठन SCO की 19वीं बैठक के उद्घाटन समारोह में संयोग से पीएम मोदी और इमरान खान हॉल में एक साथ ही पहुंचे. लेकिन इस दौरान पीएम मोदी ने इमरान खान में ना कोई बातचीत हुई, ना ही दोनों एक-दूसरे से मिले.

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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीएम मोदी ने इमरान खान को देखा तक नहीं और वह सीधे अपनी सीट पर जाकर बैठ गए. इमरान की कुर्सी बिल्कुल कोने में थी और वह पीएम मोदी से पांच-छह सीट छोड़कर बैठे थे.

एक ही टेबल पर डिनर, लेकिन बात नहीं

वहीं एक ही डिनर टेबल पीएम मोदी और इमरान खान बैठे थे. इस दौरान पीएम ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ही रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के साथ भी बातचीत की. लेकिन दोनों नेताओं को बीच दुआ सलाम भी नहीं हुई.

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डिनर के बाद एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘कोई दुआ-सलाम नहीं हुआ’. डिनर के बाद किर्गिज नेशनल फिलहार्मोनिक में एक कंसर्ट के दौरान दोनों नेता आगे की कतार में ही बैठे थे. हालांकि, इन दोनों नेताओं के बीच कम से कम सात नेता बैठे थे.

आतंक और बातचीत साथ-साथ मुमकिन नहीं-पीएम

इससे पहले पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की. चीन के राष्ट्रपति से मोदी ने साफ कहा कि उनका मित्र राष्ट्र पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रवैये में खास सुधार नहीं ला रहा है.

साथ ही कहा कि इस स्थिति में पाकिस्तान से बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बन रही है. मोदी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से संबंध सुधारने की कोशिशें की हैं लेकिन यह पटरी से उतर गई हैं.

मोदी से उम्मीद: इमरान

बिश्केक में जहां दोनों देश के पीएम के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. वहीं बिश्केक रवाना होने से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत के साथ उनके देश के संबंध शायद अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं.

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हालांकि, उन्होंने आशा जताई कि उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी कश्मीर सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए अपने ‘प्रचंड जनादेश’ का उपयोग करेंगे.

खान ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह की मध्यस्थता के लिए तैयार है और अपने सभी पड़ोसियों, खासतौर पर भारत के साथ शांति की उम्मीद करता है. उन्होंने कहा कि तीन छोटे युद्धों ने दोनों देशों को इस कदर नुकसान पहुंचाया कि वे अभी भी गरीबी के भंवर जाल में फंसे हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते ही साफ कर दिया था कि एससीओ सम्मेलन से इतर मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष खान के बीच किसी द्विपक्षीय बैठक की योजना नहीं है.

वहीं, खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिख कर सभी मुद्दों पर वार्ता बहाल करने की अपील की थी.

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