
New Delhi: बिहार में चमकी बुखार से मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. मामले पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार को जमकर फटकार लगायी है.
शीर्ष अदालत ने मामले को लेकर सात दिनों में जवाब मांगा है. साथ की यूपी की योगी सरकार से भी सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है.
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‘स्वास्थ्य सुविधाएं मूल अधिकार’
राज्य में चमकी बुखार के कारण 152 बच्चों के मारे जाने की खबर है. वहीं कोर्ट ने सरकारों से तीन मुद्दे पर हलफनामा दायर करने को कहा है जिसमें हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का मामला है. अदालत की तरफ से कहा गया है कि ये मूल अधिकार हैं, जिन्हें मिलना ही चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों सरकारों से पूछा है कि क्या इनको लेकर कोई योजना लागू की गई है. अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट्स में पढ़ा है कि कई गांव ऐसे हैं, जहां पर कोई बच्चा ही नहीं बचा है.
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, वहां पर सुधार कैसे आया. अदालत ने इन बातों के साथ ही दोनों सरकारों को सात दिन का समय दिया है.
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सुप्रीम कोर्ट दायर की गयी दो याचिकाएं
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में मुजफ्फरपुर में फैले चमकी बुखार के मामले से जुड़ी दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इसमें कोर्ट से मांग की गयी है कि वो बिहार सरकार को मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने के आदेश दे. साथ ही केंद्र की मोदी सरकार से भी इस मामले में एक्शन लेने को कहा जाये.
गौरतलब है कि बीते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई को लेकर तैयार हुआ था. मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी सिस्टम इस बुखार का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है.
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