JharkhandRanchi

#Saryu Roy ने कहा बकोरिया मामले में SC जाकर सरकार की जगहंसाई हुई, Kunal Sarangi ने कहा उदाहरण पेश करें, दे दें इस्तीफा

Ranchi: सरयू राय की सरकार से बेरुखी अभी तक बरकरार है. वो सरकार को हर उस मौके पर अपनी याद दिलाना चाहते हैं, जिसमें उन्होंने सुधार करने की बात सरकार से कही है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के उस एसएलपी को खारिज कर दिया था, जिसमें सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि बकोरिया कांड की सीबीआइ जांच ना हो. दरअसल झारखंड के चर्चित बकोरिया मुठभेड़ में सीबीआइ जांच रोकने के लिए झारखंड सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसल तपेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर की थी. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. एसएलपी में राज्य सरकार की तरफ से सीआइडी के एडीजी अजय कुमार सिंह ने शपथ पत्र दाखिल कर कहा था कि केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी, राज्य की विशेष शाखा को डॉक्टर अनुराग समेत अन्य माओवादियों के मूवमेंट की जानकारी मिली थी. इसी सूचना के आधार पर कोबरा बटालियन के साथ मिल कर पुलिस ने अभियान चलाया. आठ जून, 2015 को पलामू जिला के बकोरिया में कथित मुठभेड़ में माओवादी कमांडर डॉ अनुराग, उदय यादव, एजाज अहमद, जोगेश यादव समेत 12 लोग मारे गये थे. पारा टीचर उदय यादव के पिता जवाहर यादव ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए झारखंड हाइकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल कर पूरे मामले की सीबीआइ जांच की मांग की थी. इसी याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाइकोर्ट ने पूरे मामले की सीबीआइ जांच के आदेश दिये थे. इस आदेश के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया.

सरयू राय ने कहा था सुप्रीम कोर्ट न जाए सरकार, होने दे सीबीआइ जांच

रांची खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने राज्य सरकार से आग्रह किया था कि वह बकोरिया कांड की सीबीआइ जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील न करे. अपील के बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि मुख्यमंत्री रघुवर दास से मैंने व्यक्तिगत आग्रह किया है कि बकोरिया कांड की सीबीआइ जांच कराने के झारखंड हाइकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करें. मैंने हाइकोर्ट का फैसला पढ़ा है. सीबीआइ ने जांच शुरू कर दी है. इसे होने देना ही श्रेयस्कर होगा.

एसएलपी खारिज होने के बाद किया ट्वीट तो कुणाल षाड़ंगी ने नसीहत दी

सुप्रीम कोर्ट ने जब झारखंड सरकार की एसएलपी खारिज की तो एक बार फिर से मंत्री सरयू राय ने ट्वीट कर कहा सरकार ने कैबिनेट के भीतर-बाहर मेरा सुझाव नहीं माना. बकोरिया कांड की सीबीआइ जांच रुकवाने सुप्रीम कोर्ट गई. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से जगहंसाई हुई, नीयत पर सवाल उठे, बदनामी हुई. किसकी नादान सलाह थी यह? कौन ज़िम्मेदारी लेगा इसकी? किसे और क्यों भय है सीबीआइ से? कौन बचना-बचाना चाहता है अपराध से? इस ट्वीट पर कुणाल षाड़ंगी ने नसीहत देते हुए मंत्री सरयू राय से ट्वीट कर कहा कि Dear @Roysaryu Sir, क्या अब तक इन लोगों ने विद्यालय विलय, सरकार के द्वारा शराब बेचना, CNT SPT संसोधन, @InvestJharkhand में अनियमितता, ग़लत स्थानीयता नीति जैसे निर्णयों की ज़िम्मेदारी ली? आप कड़ा फ़ैसला लीजिए, इस्तीफा सौंपिए और उदाहरण पेश कीजिए.

इसे भी पढ़ें – #Dumka: दो बार हार चुके सुनील सोरेन पर बीजेपी जतायेगी भरोसा या लुईस मरांडी होंगी नया चेहरा!

Related Articles

Back to top button