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नकली दवा बेचने का आरोप, औषधि निरीक्षकों की टीम ने दवा दुकान में की छापेमारी

Giridih:  नकली जीवन रक्षक दवा बेचने के आरोप में पांच जिलों के औषधि निरीक्षकों ड्रग निरीक्षकों की टीम ने गिरिडीह के दडांधिकारी अशोक सिन्हा के नेत्तृव में शनिवार को शहर की माज गोयनका दवा दुकान में छापेमारी की. तीन घंटे तक चली छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पदाधिकारियों की टीम ने दुकान से चार तरह की दवाओं को जब्त किया. जिनमें ऑक्सीडॉक्सीन इजेंक्शन के साथ पेंटागन-डी, आरबी-टोन समेत अन्य दवा शामिल हैं. जिन दवाओं को जब्त किया गया, वो दुकान के भीतरी हिस्से में रखी गयी थीं. इस दुकान का संचालन संचालन मो अब्दुल्ला व उनकी पत्नी निकिता गुप्ता करती हैं.

टीम में ये लोग थे शामिल 

राज्य के औषधि निदेशक रीतू सहाय के निर्देश पर यह छापेमारी हुई. इसें बोकारो के ड्रग इंस्पेक्टर नसीम आलम, धनबाद-1 की ड्रग इंस्पेक्टर शैल अंबष्ट, कोडरमा के स्वतन निखिल, धनबाद-2 के आलोक कुमार और देवघर के प्रणव प्रभात शामिल थे. छापेमारी की कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली. कार्रवाई के दौरान जिन कंपनी के दवाओं को जब्त किया गया, उनका कोई रिकार्ड दुकानदार द्वारा अपटूडेट नहीं किया गया था. पदाधिकारियों द्वारा खरीद-ब्रिकी का रिकार्ड मांगे जाने पर दुकान संचालक ने रिकार्ड नहीं होने की बात कही.

कैश मेमो पाये गये खाली 

धनबाद-1 की औषधि निरीक्षक शैल अंबष्ट ने कहा कि दुकानदार के पास दुकान संचालन के सारे दस्तावेज मौजूद होने की बात सामने आयी है. लेकिन जिन दवाओं को जब्त किया गया है, उनके रिकार्ड दुकानदार के पास नहीं है. जब्त दवाओं को अब रांची लैब जांच के लिए भेजा जायेगा. पदाधिकारियों की टीम को दुकान के कैश मेमो नंबर 302, 308, 312, 338 एक फरवरी से खाली पाये गये. इसके बाद अधिकारियों को संदेह हुआ. जब्त दवाओं की सीजर लिस्ट दुकान संचालक मो अब्दुला को दे दी गयी है. इधर दुकानदार अब्दुल्ला व उनकी पत्नी निकिता ने बताया कि दुकान में छापेमारी कारोबार में होती बढ़ोत्तरी के कारण की गयी है.

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