
Ranchi: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा प्रतिबंधित पिस्तौल रखने और उनके द्वारा अश्लील विडियो चैटिंग करने के मामले में जमशेदपुर जिला प्रशासन और झारखण्ड सरकार के ढुलमुल रवैये के विरोध में मंगलवार को विधायक सरयू राय ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से राजभवन में मुलाकात की. उन्होने राज्यपाल से अनुरोध किया कि सीएम को निर्देश दे कि वे स्वास्थ्य मंत्री को अविलंब बर्खास्त करे. विधायक ने बताया राजनीतिक दबाव के कारण सारे प्रमाण रहने के बाद भी आरोपी मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो रही है. इससे स्पष्ट है कि राज्य में कानून का शासन नहीं रह गया है और यदि नियम-कानून का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति सरकार में मंत्री है और एक राष्ट्रीय पार्टी से जुड़ा हुआ है तो उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. राज्य की सरकार ही राज्य में कानून का मजाक उड़ा रही है.
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पूर्व मंत्री ने दावा किया कि झारखण्ड सरकार कांग्रेस पार्टी के दबाव में चल रही है. यही कारण है कि पुलिस प्रशासन गंभीर आरोप लगने के बाद भी मंत्री के खिलाफ जाँच नहीं कर रहा है. 28 अप्रैल को पूर्वी सिंहभूम डीसी को इस मामले में सूचना दिया गया लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो झारखण्ड में कानून का शासन नहीं बल्कि हथियार का शासन चलेगा. इसी तरह राज्यपाल को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई अश्लील विडियो चैटिंग के बारे में जानकारी पूर्व मंत्री ने दी और बताया कि सरकार इस प्रकरण को दबाने में लगी हुई है. आश्चर्य है कि यह विडियो स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय से जारी किया गया है और बताया जा रहा है कि वह महिला फर्जी है. यदि ऐसा है तो मंत्री का अपराध बढ़ जाता है और उनके द्वारा यह षडयंत्र करने से साबित हो रहा है कि फर्जी महिला को खड़ा करके मामले पर लीपापोती की जा रही है. ऐसी स्थिति में जमशेदपुर पुलिस से निष्पक्ष जाँच की उम्मीद नहीं की जा सकती है. इसलिए मैंने राज्यपाल महोदय से मांग किया है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच करायी जाय. राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे इस विषय को गंभीरता से लेंगे.




