
Mumbai : दिवंगत कोरियोग्राफर की पहली पुण्यतिथि पर शनिवार को सरोज खान के जीवन पर फिल्म बनाने की घोषणा की गई. यह फिल्म सरोज के संघर्ष और सफलता की कहानी को जीवंत करेगी. सरोज को भारत की पहली सफल महिला कोरियोग्राफर के रूप में स्वीकार किया जाता है. फिल्म के बारे में विवरण अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया है.
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क्या कहतीं हैं बेटी
दिवंगत कोरियोग्राफर की बेटी सुकैना खान ने कहा “मेरी मां को पूरी इंडस्ट्री ने प्यार और सम्मान दिया था, लेकिन हमने उनके संघर्ष और लड़ाई को करीब से देखा है कि वह कौन थीं. हमें उम्मीद है कि इस बायोपिक के साथ, उनकी कहानी, हमारे लिए उनका प्यार, नृत्य के लिए उनका जुनून और अपने अभिनेताओं के लिए उनका प्यार और इस बायोपिक के साथ पेशे के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे.”
क्या कहते हैं उनके बेटे राजू खान
सरोज के बेटे राजू खान ( कोरियोग्राफर) ने कहा कि “मेरी मां को नृत्य करना पसंद था और हम सभी ने देखा कि कैसे उन्होंने अपना जीवन इसके लिए समर्पित कर दिया. मुझे खुशी है कि मैं उनके नक्शेकदम पर चला. मेरी मां को उद्योग द्वारा प्यार और सम्मान दिया गया था और यह यह हमारे लिए, उनके परिवार के लिए सम्मान की बात है कि दुनिया उनकी कहानी देख सकती है.”
जानकारी हो कि सरोज खान का पिछले साल 3 जुलाई को 71 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था.
असली नाम निर्मला किशनचंद साधु सिंह नागपाल
सरोज का असली नाम निर्मला किशनचंद साधु सिंह नागपाल था लेकिन, उनके पिता ने उन्हें अपना नाम बदलकर सरोज खान करने की सलाह दी. जिससे उनके रूढ़िवादी परिवार को यह पता न चले कि उनकी बेटी फिल्मों में काम कर रही है. उन्होंने तीन साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरूआत फिल्म ‘नजराना’ से बेबी श्यामा के रूप में की थी. वह 10 साल की उम्र में डांसर और 12 साल की उम्र में असिस्टेंट कोरियोग्राफर बन गईं.
‘गीता मेरा नाम’ से कोरियोग्राफ करना शुरू किया
सरोज खान ने 1974 की फिल्म ‘गीता मेरा नाम’ से कोरियोग्राफ करना शुरू किया. उन्होंने 1983 में तमिल फिल्म ‘थाई वीडू’ के लिए गाने निर्देशित किए और उसी वर्ष सुभाष घई की सुपरहिट ‘हीरो’ में भी काम किया. अस्सी के दशक के मध्य में सरोज एक घरेलू नाम बन गई, जिसने श्रीदेवी और फिर माधुरी दीक्षित के लिए यादगार नृत्य का निर्देशन किया, जो उस समय की सुपरस्टार थीं.
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यह 1986 की फिल्म थी, ‘नगीना’ ने उन्हें और फेमस बना दिया. उस फिल्म में श्रीदेवी का प्रतिष्ठित नृत्य ‘मैं नागिन तू सपेरा’ आज भी लोकप्रिय है. अगले साल ‘मिस्टर इंडिया’ में श्रीदेवी के लिए उनकी कोरियोग्राफी, विशेष रूप से ‘हवा हवाई’ गीत समान रूप से लोकप्रिय हुआ.
खान ने ‘एक दो तीन’ (‘तेजाब’), ‘चोली के पीछे’ (‘खलनायक’), ‘धक धक’ (‘बेटा’) और ‘मार डाला’ (‘देवदास’) सहित माधुरी दीक्षित के कुछ सबसे प्रतिष्ठित नृत्य हिट का निर्देशन भी किया था. उनके प्रमुख कार्यों में ‘ताल’ (1999) और ‘हम दिल दे चुके सनम’ (1999) में ऐश्वर्या राय के लिए कोरियोग्राफ करना है.
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उनके आखिरी असाइनमेंट में 2015 में ‘मणिकर्णिका’ (2019) और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्सए’ में कंगना रनौत को कोरियोग्राफ करना शामिल है. हाल के वर्षों में, खान टेलीविजन पर ‘नच बलिए’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे डांस शो में जज के रूप में एक लोकप्रिय चेहरा बन गई. 2012 में, लोक सेवा प्रसारण ट्रस्ट (पीएसबीटी) ने निधि तुली द्वारा निर्देशित सरोज खान के जीवन पर एक वृत्तचित्र फिल्म का निर्माण किया था.
टी-सीरीज ने हासिल किये हैं बायोपिक निर्माण के अधिकार
खान ने अपने करियर की अवधि में लगभग 3500 गीतों को कोरियोग्राफ किया और तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं. बायोपिक के निर्माण के अधिकार भूषण कुमार की टी-सीरीज ने हासिल कर लिए हैं. कुमार ने कहा “तीन साल की उम्र में शुरू हुई सरोज जी की यात्रा कई उतार-चढ़ावों से भरी हुई थी. उन्हें उद्योग से मिली सफलता और सम्मान को जीवंत करना होगा. मुझे अपने पिता के साथ फिल्म सेट पर जाना याद है और उन्हें अपनी कोरियोग्राफी के साथ गानों में जान डालते हुए देखा है. उनका समर्पण सराहनीय था. मुझे खुशी है कि सुकैना और राजू हमें उनकी मां की बायोपिक बनाने के अधिकार देने के लिए सहमत हुए.
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