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मनरेगा योजना में आठ माह से 17041.1 लाख रुपया बकाया, भुगतान नहीं कर रही सरकार

राज्य में मनरेगा मजदूरों का 7 करोड़ 32 लाख,152 करोड़ से अधिक सामग्री मद में है सरकार पर बकाया

Ranchi: सरकारी योजना की राशि का भुगतान समय पर करना सरकार का दायित्व है. समय पर योजना का कार्य पूरा होने पर इसे सरकार की सफलता मानी जाती है. लेकिन झारखंड में मनरेगा योजना अब दम तोड़ने की कगार पर है. सरकार समय पर राशि उपलब्ध कराने में असफल हो रही है, जिससे गरीब लाभुकों का 17041.1 लाख रुपया झारखंड सरकार पर बकाया है. सरकार के द्वारा मजदूरी भुगतान में भी विलंब किया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक, मनरेगा योजना में 12 दिसंबर के बाद किसी प्रकार की राशि का भुगतान मनरेगा योजना में नहीं किया गया है. मजदूरी मद में झारखंड के गरीब मजदूरों का 732.43 लाख रुपया सरकार पर बकाया है.

वहीं मनरेगा योजना से निर्माण किये जा रहे बकरी शेड, मुर्गी शेड, वर्मी कंपोस्ट टैक जैसी योजनाओं की सामग्री मद में 15297.97 लाख रुपया कई माह से बकाया है. सबसे ज्यादा बकाया गिरिडीह जिला में मजदूरी मद का है, जहां 73 लाख रूपये का भुगतान सरकार ने नहीं किया है.

जबकि मनरेगा योजना के तहत 15 दिनों में ही मजदूरों एवं सामग्री मद की राशि का भुगतान करने की दायित्व सरकार का है. राज्य के द्वारा केन्द्र से राशि नहीं मिलने का हवाला देकर या योजना में राज्य का समय पर अशंदान नहीं होने की वजह से सरकारी योजना में गरीबों को पैसों का भुगतान नहीं किया गया.

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मनरेगा का किस जिले में कितना है सरकार पर बकाया(लाख में)

 

जिलामजदूरीसामग्री
बोकारो38.61714.91
चतरा24.81044.28
देवघर26.29946.46
धनबाद34.82367.95
दुमका29.476518.91
गढ़वा68.92291.66
गिरिडीह76.621054.9
गोड्डा32.78373.47
गुमला32.95667.45
हजारीबाग32.01837.86
जामताड़ा28.281043.85
कोडरमा29.66342.16
लातेहार43.5550.97
लोहरदगा7.04300.31
पाकुड़13.06188.74
पलामू59.06297.16
रांची34.98951.95
साहिबगंज21.54129.15
सरायकेला/खरसावां18.69173.52
सिमडेगा21.76676.32
प. सिंहभूम18.37173.52
पू सिंहभूम17.33203.06
खूंटी8.798.79
रामगढ़12.69372.23

 

2019-20 में नहीं मिला है मनरेगा योजना में कार्यालय खर्च

मनरेगा योजना का हाल यह है कि 2019-20 के वितीय वर्ष में कार्यालय खर्च के लिए किसी फंड का आवंटन नहीं किया गया है. सिर्फ मनरेगाकर्मी के वेतन मानदेय का ही भुगतान किया जा रहा है. जबकि अक्टूबर के बाद मनरेगाकर्मी का मानदेय का भुगतान भी नहीं हो सका है.

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छह महीने से सामग्री मद में भुगतान है लटका

मनरेगा योजना में राज्य का अंशदान नहीं होने का वजह से सामग्री मद में बड़ी राशि का भुगतान नहीं हो रहा है. पिछले छह महीने से मनरेगा योजना में सामग्री मद में कुछ बकाया लगातार चल रहा है.

राज्य में फिलहाल मनरेगा योजना की सामग्री मद का भुगतान 6 माह से अधिक समय से लटका हुआ है. हालांकि जिन प्रखंडों में वेंडर के द्वारा प्रखंड मुख्यालय से बेहतर तालमेल है,  उनका सामग्री मद का तीन माह पूर्व कुछ भुगतान किया गया है.

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