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माफिया लाला के संरक्षण में बंगाल के अवैध कोयले का कारोबार जारी, राज्य के तीन रास्ते हो रहा खेल

Saurav Singh

Jharkhand Rai

Ranchi: बंगाल के बड़े कोल माफिया लाला के संरक्षण में राज्य के तीन रास्ते से बंगाल के अवैध कोयला का कारोबार हो रहा है. बंगाल का अवैध कोयला डिस्को पेपर के जरिये उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बिहार के डेहरी मंडी पहुंच रहा है.

इसके अलावा बंगाल के अवैध कोयले को निरसा, गोविन्दपुर, बरवाअड्डा, गिरिडीह और हजारीबाग के ईट भट्ठे में भी खपाया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, बंगाल के लाला नाम के कोयला माफिया के संरक्षण में पिछले महीने से बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी हो रही है.

अवैध कोयले का यह कारोबार प्रतिदिन डेढ़ से दो करोड़ रुपये का हो रहा है. लोकल लिंक और कुछ पुलिसवालों के सहयोग से यह काला खेल चल रहा है. अवैध कोयले के कारोबार में लाला के अलावा बंगाल के गजेन्द्र सिंह, अवध शर्मा, अल्ला राखा, जगदीश तिवारी, विशाल मांझी, उपेन्द्र बर्णवाल, मैथन के जोगेन्द्र राय आदि शामिल हैं.

Samford

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राज्य के तीन रास्ते से हो रहा अवैध कोयले का कारोबार

बंगाल का अवैध कोयला राज्य के तीन रास्ते से होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बिहार के डेहरी मंडी के अलावा बिहार और झारखंड के ईट भट्ठे में भी पहुंच रहा है.

माफिया लाला के संरक्षण में बंगाल के अवैध कोयले का कारोबार जारी, राज्य के तीन रास्ते हो रहा खेल
अवैध कोयला कारोबार की सिंबोलिक तस्वीर

जिनमें पहला रास्ता वीरभूम – दुमका और भागलपुर होते हुए बिहार के ईट भट्ठे और डेहरी मंडी तक कोयला पहुंच रहा है. दूसरा रास्ता बंगाल के रानीगंज से पुरुलिया-चांडिल-रांची-रामगढ़ और हजारीबाग के रास्ते वाराणसी और डेहरी मंडी और तीसरा रास्ता निरसा, डुमरी, बगोदर होते हुए है.

सूचना है कि कोयला माफिया समय-समय पर इन रास्तों को बदलते रहते हैं. साथ ही यह भी बताया गया है कि पुलिस दिखावा के लिए कभी-कभी अवैध कोयला लदे ट्रक को जप्त कर लेती है, लेकिन इससे कोयला माफिया को कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि उसे ज्यादा का नुकसान नहीं उठाना पड़ता है. वहीं अवैध कोयला का कारोबार पुलिस और कोयला माफिया की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है.

वाराणसी व डेहरी मंडी कोयला खपाने का सबसे बड़ा केंद्र

जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के रानीगंज में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन व कोयला चोरी का काम तो चल ही रहा है, इसके अलावा बांकुड़ा जिले के मेजिया अर्थग्राम में भी बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खदान चलते हैं. यहां से सभी कोयले रानीगंज होते हुए ही निकलते हैं. बंगाल का अवैध कोयला वाराणसी और डेहरी के मंडी में डिस्को पेपर (पेड) के माध्यम से खपाया जा रहा है. यह मंडी अवैध कोयला खपाने का सबसे बड़ा केंद्र है.

बंगाल से रोजाना कई अवैध कोयला लदे ट्रक बनारस मंडी और डेहरी मंडी में जीटी रोड के रास्ते भेजे जा रहे हैं. अवैध कोयले का यह कारोबार हर दिन डेढ़ से दो करोड़ का हो रहा है.

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कोलियरी क्षेत्र से जुड़े कुछ बड़े नाम जारी करते हैं डिस्को पेपर (पेड)

जिस तरह वैध कोयला ले जाने के लिए ईसीएल द्वारा चालान दिया जाता है. उसी प्रकार अवैध कोयला ले जाने के लिए डिस्को पेपर (पेड) चलता है. बंगाल में अवैध कोयला ले जाने के लिए डिस्को पेपर की प्रथा ममता बनर्जी के पहले कार्यकाल में रोक दी गयी थी, लेकिन ममता बनर्जी के दूसरे कार्यकाल में यह फिर से शुरू हो गया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोलियरी क्षेत्र से जुड़े कुछ बड़े नाम यह पेड जारी करते हैं. तस्करी में जय मां काली, जय मां दुर्गा आदि नाम से डिस्को पेपर का इस्तेमाल किया जाता है. जिन गाड़ियों के पास पेड या पास होता है, उसे अन्य किसी भी परमिट की जरूरत नहीं होती है. बंगाल सीमा तक ट्रक पहुंचाने के डिस्को पेपर की कीमत 91 हजार रुपए है. वहीं झारखंड सीमा से मंडी तक ट्रक पहुंचाने के लिए एक पेड की कीमत 65 हजार रुपये है. हर थाना व ओपी से गुजरने पर चालक डिस्को पेपर दिखाता है और उसे हरी झंडी देकर पास कर दिया जाता है.

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 प्रति टन 2200 से 2500 रुपये है बंगाल के अवैध कोयले का रेट

बंगाल के अवैध कोयले का रेट प्रति टन 2200 से 2500 रुपये के बीच है. 1400 रुपये प्रतिटन पेड (डिस्को पेपर) का लगता है. इसमें रंगदार, विधायक, नेता, पत्रकार व पुलिस को मैनेज किया जाता है.

बंगाल का अवैध कोयला झारखंड में प्रवेश करने पर मध्यस्थता कराने वाले को प्रतिटन 500 रुपये मिलते हैं. इस खेल में थाना, वरीय पुलिस अधिकारी, आरटीओ को भी मैनेज किया जाता है. बंगाल के अवैध कोयले को यूपी और बिहार की मंडी में 9000 से लेकर 10,000 रुपये प्रति टन बेचा जा रहा है.

ट्रकों पर लगभग 35 टन लोड रहता है कोयला

पश्चिम बंगाल के रानीगंज से झारखंड के रास्ते मंडी भेजे जाने वाले अवैध कोयला लदे ट्रकों में ओवर लोड रहता है. ट्रकों पर लगभग 35 टन कोयला लोड रहता है.

वहीं सभी ट्रकों को तिरपाल से ढक दिया जाता है और बंगाल का अवैध कोयला झारखंड के रास्ते यूपी और बिहार की मंडियों में खपाया जाता है.

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डिस्को पेपर के जरिये हुआ था कोयला तस्करी का भंडाफोड

धनबाद के गलफरबाड़ी ओपी क्षेत्र में जीटी रोड स्थित जगदम्बा पेट्रोल पंप के पास 30 दिसंबर की सुबह चार बजे एसएसपी किशोर कौशल की ओर से गठित एसओजी टीम ने डिस्को पेपर के जरिये कोयला तस्करी का भंडाफोड़ किया था.

टीम ने मौके से कोयला लदे पांच ट्रक को जब्त कर गलफरबाड़ी ओपी के सुपुर्द किया था. एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि बंगाल से झारखंड के रास्ते बिहार के कोयला मंडियों में ट्रक के माध्यम से चोरी का कोयला ले जाया जा रहा है.

जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पांच ट्रकों को जब्द किया गया था. साथ ही इन ट्रकों के टालक व खलासी को गलफरबाड़ी ओपी के सुपुर्द किया गया था. हालांकि इस मामले में चर्चा है की सिंडिकेट के तहत डिस्को पेपर के सहारे 29 दिसंबर की रात कई ट्रक बंगाल से झारखंड सीमा से पार हो चुके थे.

वहीं इस सिंडिकेट में शामिल दो लोग झारखंड सीमा के डिस्को पेपर के बिना ही पांचों ट्रकों को पार करा रहे थे. इसकी जानकारी सिंडिकेट सरगना लाला को लगी और उसने पांचों ट्रकों को पकड़वा दिया था.

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