
Ranchi: रांची के बिल्डर्स के बीच एक नाम बहुत चर्चित है. वह नाम है अजीत. जिसके पास आरआरडीए व नगर निगम के हर टेबल की चाबी है.
नक्शा पास कराने के लिये बस अजीत से संपर्क कर लें, हर टेबल से नक्शा क्लीयर होते हुए टाउन प्लानर के टेबल से पास हो जायेगा.
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अजीत वह नाम है जो बिल्डर्स के समाज में समाज सेवा का काम करता है. अजीत के बारे में कहा जाता है, वह सबका प्यारा है. खास कर आरआरडीए व नगर निगम में पदस्थापित होने वाले टाउन प्लानर के.
इसे भी पढ़ेंःघनश्याम अग्रवाल को टाउन प्लानर बनाने के लिए नगर विकास विभाग ने नहीं की नियमों की परवाह
अजीत, जो कभी आरआरडीए में कंप्यूटर ऑपरेटर था. कॉन्ट्रैक्ट पर उसकी नियुक्ति हुई थी. उस वक्त आरआरडीए ही शहर का नक्शा पास करता था. बाद में शहरी क्षेत्र में बहुमंजिली इमारतों का नक्शा पास करने का अधिकार निगम को दे दिया गया. तब भी नक्शा पास कराने के लिये बिल्डर निगम के अफसरों की बजाय आरआरडीए के अजीत से ही संपर्क करते थे.
बिल्डर्स के समाज की समाजसेवा करने के इस काम की जानकारी किसी ने नगर निगम के तत्कालीन सीइओ प्रशांत कुमार को दे दी. अजीत का समाजसेवा करना उन्हें पसंद नहीं आया. जिस कारण उन्होंने उसे कॉन्ट्रैक्ट की नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.
इसे भी पढ़ेंःPWD के अभियंता घनश्याम अग्रवाल को टाउन प्लानर बनाने के लिए विभाग ने छह माह में की तीन अनुशंसा
ताजा सूचना है कि आरआरडीए से बर्खास्तगी के बाद भी झा ने बिल्डर्स के समाज में समाजसेवा करना बंद नहीं किया. बल्कि अब वह और भी मुस्तैदी से इस काम में लगे हुए हैं. अब तो वह निगम व आरआऱडीए से लेकर नगर विकास विभाग के मुख्यालय तक अपनी पहुंच रखने लगे हैं. वह इन विभागों के कार्यालय में और अफसरों के घऱों पर अक्सर देखे जाते हैं.
इसे भी पढ़ेंःजानें स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के वायरल वीडियो का सच (देखें वीडियो)




