
Ranchi: किंतु-परंतु, यह-वह नहीं चलेगा. अब मुझे केवल टाइमलाइन पर परिणाम दें, अन्यथा सब बदले जायेंगे. जो काम न कर सकें उन्हें रिटायर कर दें. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहीं. धनबाद के विद्युत वितरण के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर 3 सप्ताह से बिना सूचना गायब पाये जाने पर एमडी को उन्हें तुरंत सस्पेंड करने और धनबाद के जीएम को तत्काल हटाने का निर्देश दिया. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की जनता को निर्बाध बिजली मिल सके इस पर काम चल रहा है.
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31 जुलाई के बाद नहीं दी जायेगी कोई मोहलत
मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची के लिए 31 जुलाई के बाद कोई मोहलत नहीं दी जायेगी. इसी तरह मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर जिले की समस्या चाहे वह ट्रांसमिशन की हो या अन्य कोई मसला हो उसे दूर करें और अगले 3 महीने में यह समस्या पूरी तरह से दूर होनी चाहिए. रघुवर दास ने कहा कि घर-घर बिजली पहुंची है. जो घर छूटे हैं, वहां भी सितंबर तक बिजली पहुंच जाये. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन लाइन एवं सबस्टेशन का काम चल रहा है, ताकि आनेवाले समय में झारखंड की जनता को निर्बाध बिजली मिल सके.
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बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, ऊर्जा विभाग की सचिव वंदना डाडेल, ऊर्जा वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार, जेयूएसएनएल के एमडी निरंजन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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