
Latehar: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत प्रखंड कार्यालय से सभी योग्य छात्र छात्राओं के बीच साइकिल तो वितरण कर दिया गया लेकिन वेंडर द्वारा दी गई साइकिलों की गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि छात्र छात्राओं को तुरंत 400 से 600 रुपये तक का खर्च करना पड़ रहा है. इससे योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
साइकिल की गुणवत्ता
योजना के तहत छात्रों को वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता घटिया निकली. अधिकांश साइकिलों के पहिये खराब है,कुछ की चैन गिर गई, और कुछ में सीट भी ठीक से नहीं लगी थी.जिस कारण छात्रों और उनके परिवारों को इन साइकिलों को ठीक कराने के लिए स्थानीय मैकेनिकों के पास जाना पड़ा, जहां उन्हें अपनी जेब से 400 से 600 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. साइकिल सप्लाई करने वाले वेंडर पर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने किस प्रकार की घटिया साइकिलें सप्लाई कि और क्या इसके पीछे भ्रष्टाचार या लापरवाही है.अधिकांश छात्रों ने कहा कि हमें लगा था कि साइकिल मिलने से स्कूल आना-जाना आसान हो जाएगा, लेकिन इस घटिया साइकिल मिलने के बाद और भी मुश्किलें बढ़ गई हैं.घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो बीच रास्ते में चैन, ब्रेकशू,सिट का खुल कर गिरने लगता है. नये साइकिल में घंटी, स्टेन पत्ती, कैरियर पत्ती, ताला, स्क्रु, सहित अन्य समान सप्लायर द्वारा नही लगाया गया है. मानो तो साइकिल के नाम पर खानापूर्ति कर दिया गया है.
ज्ञात हो कि पूरे प्रखंड में 1394 छात्र छात्राओं के बीच साइकिल वितरण किये जाने का लक्ष्य है. जिसमें वेंडर द्वारा लगभग 1200 साइकिल का वितरण कर दिया गया है. अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम व लातेहार उपायुक्त गरिमा सिंह से साइकिल में घटिया सामग्री की जांच कर कारवाई की मांग किया है. इस संबंध में प्रभारी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नागेन्द्र कुमार सिंह से पुछे जाने पर बताया कि छात्र छात्राओं के द्वारा साइकिल के कल पुर्जे खराब व कइ पार्ट्स गायब होने की शिकायत मिली है मैं जिला को पत्र के माध्यम से अवगत कराउंगा.




