
Ranchi: राजधानी को विकसित करने के साथ व्यवस्थित करने की जिम्मेवारी रांची नगर निगम की है. शहर को व्यवस्थित करने के लिए रांची नगर निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है. अतिक्रमण करने वालों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. लेकिन अतिक्रमण हटाने वाले निगम के अधिकारियों ने ही पार्किंग के नाम पर सड़क बेच दी है. इससे होने वाली जाम की समस्या न तो नगर निगम के अधिकारियों को दिखाई दे रही है और न ही ट्रैफिक विभाग को. ऐसे में सवाल यह उठता है कि इनपर कार्रवाई कौन करेगा.

जहां बाइक की जगह नहीं वहां कार पार्किंग
हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम को फटकार लगाई है. साथ ही राजधानी को सड़कों को खाली कराने का आदेश नगर निगम को दिया है. जिससे कि पैदल चलने वालों को फुटपाथ खाली मिल सके. नगर निगम ने फुटपाथ तो ठेकेदारों को बेच दिया है. और तो और जहां बाइक खड़ी करने की भी जगह नहीं है वहां पर पार्किंग बनाकर ठेकेदारों को दे दिया गया है. ऐसे में राजधानी को जाम से मुक्ति कैसे मिलेगी.
2.5 किलोमीटर ठेकेदारों के कब्जे में
मेन रोड फ्लाईओवर से लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम की दूरी 2.5 किलोमीटर है. ढाई किलोमीटर एरिया पूरी तरह से पार्किंग ठेकेदारों के कब्जे में है. रोड के दोनों ओर गाड़ियों की पार्किंग कराई जाती है. यहां तक कि फुटपाथ नाम की कोई जगह नहीं है. और नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर आईवॉश करने में लगे है. इसके अलावा भी सर्कुलर रोड के किनारे भी निगम ने खाली पड़ी फुटपाथ की जगह को पार्किंग बनाकर नीलाम कर दिया है.
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