
Rahul Kumar
Ranchi: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर मार्च महीने में चुनाव होना है. जिसको लेकर अभी से गहमागहमी तेज हो गयी है. कांग्रेस के नेता दिल्ली दरबार में पहुंचना अभी से शुरु कर दिये हैं. वैसे देखा जाए तो इस बार राज्यसभा की एक सीट पर गठबंधन में कांग्रेस की स्वाभाविक दावेदारी बनती है. लेकिन जेएमएम की भी नजर इस सीट टिकी हुई है. विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफा देने के बाद से इस एक राज्यसभा सीट पर जेएमएम की ओर से दावेदारी ठोंकने के कयास लगाये जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि गांडेय के पूर्व विधायक को जेएमएम मौका देगी और पार्टी उनके त्याग की कीमत अदा करेगी. हालांकि सरफराज अहमद ने अपनी सीट राज्य में उत्पन्न हुई विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए विधायक पद से त्यागपत्र के रूप में दिया था. उसके बाद से यह सीट बीते 2 महीने से खाली पड़ी है.
गांडेय उपचुनाव में कल्पना हो सकती है उम्मीदवार
अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को यहां से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. लेकिन अब इस बात की संभावना कम है कि गांडेय में उपचुनाव होगा. जेएमएम की तेजी को देखते हुए कांग्रेस की सतर्कता बढ़ गई है. क्योंकि इस बार की खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटों में से एक कांग्रेस की खाते से और दूसरी बीजेपी के खाते से खाली हो रही है. इसलिए गठबंधन में एक सीट पर कांग्रेस की दावेदारी बन रही है. लेकिन जेएमएम इसके लिये तैयार नहीं दिख रही है.
विवादों में फंसा साहू परिवार
राज्यसभा सांसद धीरज साहू कांग्रेस के कोटे से राज्यसभा के सदस्य हीहैं. जिसका कार्यकाल इसी साल के मार्च महीने की 20 तारिख को खत्म हो रहा है. हाल के दिनों में सांसद धीरज प्रसाद साहू काफी विवादों में चल रहे हैं. इनक्म टैक्स की छापेमारी में साहू परिवार के ठिकानों से 350 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है. जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ने भी एक्स पर पोस्ट किया था. बीजेपी ने धीरज साहू को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस की घेराबंदी की. हालांकि सांसद ने स्पष्टीकरण देते हुए साफ कर दिया था कि बरामद पैसे से कांग्रेस का कोई नाता नहीं है. वहीं हाल ही में उनसे ईडी ने पूछताछ भी की है. ऐसे में कांग्रेस धीरज साहू पर फिर से दांव लगाने में परहेज करेगी. ऐसे में नए नाम सामने आ सकते हैं. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर का नाम इस सिलसिले में लिया जा रहा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू का नाम भी उछाला जा रहा है.
विवादों से पुराना नाता
बात 2020 राज्यसभा चुनाव की है. जब गठबंधन की ओर से जेएमएम ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को उम्मीदवार बनाया तो कांग्रेस ने रामगढ़ जिला अध्यक्ष शहजादा अनवर को संख्या बल नहीं होने के बावजूद भी राज्यसभा के चुनावी मैदान में उतार दिया और कांग्रेस को इस चुनाव में हार का समना करना पड़ा. साल 2022 में एक बार फिर दो सीट पर राज्यसभा चुनाव का बिगुल बजा और कांग्रेस बिल्कुल कांफिडेंट थी. कि इस बार की राज्यसभा सीट पर पार्टी का उम्मीदवार होगा, लेकिन इसका ठीक उलटा हुआ और गठबंधन की ओर से जेएमएम की महुआ माजी को उम्मीदवार बनाया गया. जिसपर कांग्रेस ने काफी नाराजगी जतायी थी और इस बार भी गठबंधन में कुछ ऐसा ही होने की उम्मीद जतायी जा रही है. राज्य में राज्यसभा की दोनों सीटों के लिए 21 मार्च को मतदान होगा. इसी दिन शाम पांच बजे तक परिणाम की घोषणा होने की संभावना है.
राज्यसभा की इस सीट पर हमारा दावा: कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस गठबंधन के अंदर बात रखेगी. पार्टी का दावा इस बार बनता है. क्योंकि इस बार की सीट हमारे कोटे से खाली हो रही है. टिकट के दावेदारी के सवाल पर कहा कि टिकट के लिए पार्टी के अंदर सभी का अधिकार होता है. यही हमारी पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र है.




